उप राज्यपाल मनोज सिन्हा के नेतृत्व में गांदरबल में नशे के खिलाफ एक विशाल पदयात्रा आयोजित की गई, जिसमें हजारों लोगों ने भाग लिया। इस यात्रा का उद्देश्य मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेना था।
श्रीनगर। नशे के बढ़ते खतरे के खिलाफ जन-जागरूकता को मजबूत करने के उद्देश्य से शुक्रवार को गांदरबल जिले में आयोजित पदयात्रा में उप राज्यपाल मनोज सिन्हा के नेतृत्व में हजारों लोगों ने भाग लिया।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा गांदरबल के कमारिया ग्राउंड पहुंचे, जहां वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, विद्यार्थियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने नशा विरोधी पदयात्रा का नेतृत्व किया।
इस पदयात्रा में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया, जिससे नशे के खिलाफ सामूहिक संकल्प और नशामुक्त समाज के निर्माण की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
नशे के दुष्प्रभावों के प्रति किया जागरूक
पदयात्रा में शामिल लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर गांदरबल के विभिन्न इलाकों में मार्च किया और मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक किया।
सभा को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने नशे की समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए जनभागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से नशीले पदार्थों से दूर रहने और स्वस्थ एवं मजबूत समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उपराज्यपाल ने प्रतिभागियों से संवाद भी किया और अभियान के प्रति उनके उत्साह की सराहना की। पदयात्रा का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि सभी मिलकर नशे की लत के खिलाफ लड़ेंगे और जमीनी स्तर तक जागरूकता फैलाएंगे। इस मेगा पदयात्रा ने एकजुटता, सामाजिक जिम्मेदारी और जम्मू-कश्मीर को नशामुक्त बनाने के दृढ़ संकल्प का सशक्त संदेश दिया।





