मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार ने पेयजल और जल संरक्षण से संबंधित 11 परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
लखनऊ। पेयजल एवं जल संरक्षण की दिशा में राज्य सरकार बड़ी योजनाओं के साथ आगे बढ़ रही है। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित राज्य स्तरीय उच्चाधिकार संचालन समिति की 17वीं बैठक में पेयजल एवं सरोवर (सीवरेज-जल संरक्षण) से संबंधित कुल 11 परियोजनाओं को हरी झंडी मिली। इस पर अनुमानित लागत सेंटेज सहित लगभग 633. 40 करोड़ रुपये आएगी।
पेयजल क्षेत्र में ट्रेंच-2 के अंतर्गत तीन परियोजनाएं तथा ट्रेंच-3 के अंतर्गत एक परियोजना प्रस्तुत की गई। इस पर अनुमानित लागत (सेंटेज सहित) 610.22 करोड़ रुपये है। सरोवर से संबंधित सात परियोजनाओं पर सेंटेज सहित 23.18 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
सरोवर की सात प्रमुख परियोजनाओं में गोरखपुर नगर निगम के अंतर्गत भरवालिया तालाब एवं शाहपुर स्थित तालाब का विकास कार्य शामिल है। नगर पालिका परिषद रायबरेली में मढियान माता देवी मंदिर के किनारे स्थित तालाब का विकास कार्य, नगर पंचायत सुरियावा (भदोही) में बीघा तालाब का विकास कार्य, नगर निगम गाजियाबाद के अन्तर्गत ढुडहेरा में अमृत सरोवर का विकास कार्य, नगर निगम लखनऊ के जानकीपुरम वार्ड-दो (सहारा स्टेट) स्थित तालाब का विकास कार्य तथा नगर पंचायत फतेहपुर (बाराबंकी) में सैदुआ तालाब का विकास कार्य सम्मिलित है।
पेयजल परियोजनाओं के अंतर्गत बक्शी का तालाब नगर पंचायत (लखनऊ) में बक्शी तालाब नगर पंचायत पेयजल योजना, वाराणसी नगर निगम के 18 अत्यधिक प्रभावित वार्डों के क्लस्टर-तीन (काजीपुरा, शिवपुरा, तुलसीपुर एवं बिरदोपुर) में पेयजल विस्तारीकरण योजना, लखनऊ नगर निगम के पेयजल डिस्ट्रिक्ट-डी में हैदरगंज तृतीय, आलमनगर एवं केशरीखेड़ा वार्ड की पेयजल योजना तथा राजापुर नगर पंचायत (चित्रकूट) में पेयजल योजना शामिल है।
इन सभी परियोजनाओं के पूर्ण होने पर लगभग 80,000 घरों में कनेक्शन दिया जा सकेगा। बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास पी गुरू प्रसाद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।





