डुमरियागंज सिद्धार्थनगर। ग्राम प्रधान व प्रधानाध्यापक में बेहतर सामंजस्य से ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य संभव है। ग्राम पंचायत शिक्षा समितियों की भी इसके लिए जिम्मेदारी कम नहीं है। पठन-पाठन की व्यवस्था के साथ स्कूल की सुविधाओं व मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता को बनाए रखना सामंजस्य से ही संभव है।
उक्त बातें भनवापुर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि लवकुश ओझा ने कहीं। वह शनिवार को ब्लाक सभागार भनवापुर में ग्राम प्रधान/स्थानीय निकाय व प्रधानाध्यापकों के बीच आयोजित शिक्षा उन्मुखीकरण संगोष्ठी के दौरान बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा हर किसी के लिए बहुत जरूरी है। सरकार इसी लिए परिषदीय शिक्षा व्यवस्था के प्रति काफी संवेदनशील है। हम सभी की जिम्मेदारी है कि कोई भी बच्चा बिना स्कूल के न हो।
इसके लिए हम सभी को उनके अभिभावकों को जागरूक करते हुए उनके बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ना है। विशिष्ट अतिथि के रूप में खण्ड विकास अधिकारी विनोद मणि त्रिपाठी ने विद्यालयों को कायाकल्प के अंतर्गत भौतिक संसाधनों से परिपूर्ण कर दिया गया है। ब्लाक स्तरीय “ग्राम प्रधान / स्थानीय अधिकारी-निकाय एवं प्रधानाध्यापक की एक दिवसीय संगोष्ठी को खण्ड शिक्षा अधिकारी महेंद्र प्रसाद ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्थ विद्यालयों में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा, सामुदायिक सहभागिता एवं शैक्षिक विकास को सुदृढ़ करना है।
कार्यक्रम का संचालन संजय श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम में एडीओ पंचायत बृजेश गुप्ता, सीडीपीओ संजय गुप्ता, राम प्रकाश मिश्र, अरुण चतुर्वेदी, बृज किशोर तिवारी, श्वेता श्रीवास्तव,वंदना श्रीवास्तव, रमेश राम, आबिद रिजवी, गोपेश दुबे, शम्स हैदर, अनिल कुमार गौड़ आदि मौजूद रहे।





