महोबा। जैतपुर राष्ट्रीय पंचायतीराज ग्राम प्रधान संगठन उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में विकासखंड जैतपुर परिसर में सोमवार को ग्राम प्रधानों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के उपरांत संगठन की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन खंड विकास अधिकारी को सौंपा गया। इस दौरान ग्राम प्रधानों ने अपने उत्पीड़न के खिलाफ एकजुट होकर आवाज बुलंद की।
बैठक की अध्यक्षता कमालपुरा ग्राम प्रधान मनोज राजपूत ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में मंडल अध्यक्ष संदीप पांडेय उपस्थित रहे। बैठक में मौजूद सभी ग्राम प्रधानों ने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं। ब्लॉक अध्यक्ष अभिषेक रावत ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सभी ग्राम प्रधानों को संगठित रहने की आवश्यकता है, तभी उनकी समस्याओं का समाधान संभव है।
उन्होंने कहा कि अकेले ग्राम प्रधानों पर दोषारोपण किया जाना उचित नहीं है। वहीं मंडल अध्यक्ष संदीप पांडेय ने सभी प्रधानों से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि इस आंदोलन को जिला स्तर तक ले जाया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी ब्लॉकों में बैठकें करने के बाद जिला स्तर पर एक वृहद बैठक का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे ग्राम प्रधान मनोज राजपूत ने कहा कि ग्राम प्रधानों के खिलाफ किसी भी प्रकार का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में प्रमुख रूप से नमामि गंगे योजना के अंतर्गत गांवों में जल जीवन मिशन के तहत कराए जा रहे घटिया निर्माण कार्य एवं पेयजल आपूर्ति न होने का मुद्दा उठाया गया। इसके साथ ही मनरेगा योजना के अंतर्गत लंबित भुगतान शीघ्र कराए जाने की मांग की गई। तीसरे बिंदु में गौशालाओं से जुड़ी समस्याओं पर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा सहयोग न किए जाने का उल्लेख करते हुए आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की गई।
इसके अतिरिक्त ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि ग्राम प्रधानों के खिलाफ बिना किसी ठोस सबूत के अभियोग पंजीकृत न किए जाएं तथा निष्पक्ष जांच के बाद ही कार्रवाई की जाए। साथ ही ग्राम प्रधानों को प्रशासनिक संरक्षण प्रदान किए जाने की भी मांग रखी गई। इस अवसर पर मनोज कुमार, नन्हे राम, पूरन रैकवार, रण विजय सिंह राजपूत, रविंद्र खरे, छोटेलाल, कालीचरण, रामकुमार, नीतू राजपूत, नितेंद्र सिंह तोमर, गोपाल सहित लगभग आधा सैकड़ा ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।





