Tuesday, March 3, 2026
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वन्यजीवों को नया जीवन दे रहा वंतारा, एक साल पूरा होने पर संस्था ने साझा की उपलब्धियां

अनंत अंबानी द्वारा जामनगर में स्थापित वंतारा वन्यजीव संरक्षण केंद्र ने एक वर्ष पूरा कर लिया है। संस्था ने दावा किया कि उसने कई जानवरों के स्वास्थ्य में सुधार किया और उन्हें प्राकृतिक आवासों में छोड़ा।

देश के दिग्गज उद्योगपति मुकेश अंबानी के पुत्र अनंत मुकेश अंबानी द्वारा गुजरात के जामनगर में स्थापित वंतारा वन्यजीवों के संरक्षण का उत्कृष्ट केंद्र बनकर उभरा है। संस्था की ओर से दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस वंतारा का उद्घाटन किया था, वहां एक वर्ष में कई जानवरों का स्वास्थ्य सुधारा गया और उन्हें प्राकृतिक आश्रय स्थलों में वापस छोड़ा गया।

पहले ही वर्ष में अनंत अंबानी को वन्यजीवों की देखभाल और संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित ग्लोबल ह्यूमन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। अपनी उपलब्धियों और कार्यों को साझा करते हुए संस्था ने बताया कि वंतारा के कार्यों को ईएआरएजेडए और एसईएजेडए की सदस्यता, ग्लोबल ह्यूमन कंजर्वेशन सर्टिफिकेशन और प्राणी मित्र पुरस्कार 2025 के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है।

सैकड़ों पशु चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया

इन प्रयासों को प्रभावी बनाए रखने के लिए यहां सैकड़ों पशु चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया है। 50 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय नॉलेज शेयरिंग कार्यक्रमों का आयोजन किया है। वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में अगली पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए डिजाइन किए गए आउटरीच कार्यक्रमों में हजारों बच्चों को शामिल किया है।

पिछले एक वर्ष में वंतारा ने संकट की परिस्थितियों से कई जानवरों को बचाया है। इनमें सर्कस और सवारी ढोने में लगाए गए 250 हाथी हों या विभिन्न स्थानों से बचाए गए हजारों मगरमच्छ, इन सभी की निरंतर देखभाल की जा रही है। पश्चिमी क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव रेफरल केंद्र के रूप में नामित वंतारा वन हेल्थ ईकोसिस्टम में वैज्ञानिक प्रयोगशाला और 11 उपग्रह प्रयोगशालाएं शामिल हैं, जिनसे 70 से अधिक विशेषज्ञ जुड़े हैं।

चौबीसों घंटे काम करती है 200 सदस्यीय टीम

प्रतिदिन हजारों पशुओं के लिए वंतारा पूरी तरह से आटोमैटिक प्रक्रिया से से 1,56,000 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला पोषण तैयार करता है, जिसे 50 तापमान-नियंत्रित वाहनों द्वारा वितरित किया जाता है। इनका प्रबंधन 200 योग्य पेशेवर संभालते हैं। 200 सदस्यीय टीम चौबीसों घंटे काम करती है।

संस्था की ओर से बताया गया है कि जब पंजाब में विनाशकारी बाढ़ आई तो वंतारा प्रभावित समुदायों के साथ खड़ा रहा। मानवीय और आपदा राहत प्रयासों में सहयोग दिया, जिससे हजारों जानवरों की रक्षा हुई और दस लाख से अधिक लोगों को सहायता मिली।

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