Lata Mangeshkar को टक्कर देने वाले गायक! 60 साल में 50 हजार गानों को दी आवाज; क्यों किया अवॉर्ड्स लेने से इनकार?

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7 साल की उम्र में गायिकी शुरू की, संगीत जगत के सामने सदाबहार गानों की झड़ी लगी, इतने अवॉर्ड्स मिले कि गायक को कहना पड़ा कि अब उन्हें अवॉर्ड न दिया जाए। इस आर्टिकल में हम आपको भारतीय संगीत जगत के उस गायक के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) की तरह संगीत प्रेमियों के दिलों पर दशकों राज किया।

संगीत की दुनिया को ‘गोरी तेरा गांव बड़ा प्यारा’, ‘चांद अकेला जाए सखी रे’, ‘प्यार कर ले गोरी’, ‘उठो हे लाल, उठो हे नारायण आये’ और ‘माना हो तुम बेहद हसीन’ जैसे सदाबहार गाने देने वाले एक गायक ने लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) के बराबर ही गाने गाए और दुनियाभर में अपनी सुरीली आवाज का जादू चलाया।

भारतीय संगीत जगत के इस गायक को अपनी मधुर आवाज के लिए इतने अवॉर्ड्स दिए गए कि एक बार तो उन्होंने खुद ही थककर कह दिया- अब रहने दो। उन्होंने क्लासिकल से लेकर फिल्मी गाने गाए, मलयालम, तमिल, कन्नड़, तेलुगु, तुलू, हिंदी, उड़िया, बंगाली, मराठी, अरेबिक, लैटिन, रशियन जैसी तमाम भाषाओं में आए गानों में सुर लगाए।

इस गायक को संगीत का ‘गणगंधर्वन’ कहा जाता है जिसका मतलब ‘दिव्य गायक’ है। यह गायक कौन हैं और उन्होंने कैसे अपना करियर शुरू किया, चलिए आपको इस बारे में बताते हैं।

7 की उम्र में शुरू किया था गायन

मलयालम सिनेमा के मशहूर शास्त्री गायक और स्टेज एक्टर ऑगस्टाइन जोसेफ के बेटे कट्टसेरी जोसेफ येसुदास उर्फ के.जे. येसुदास का जन्म 10 जनवरी 1940 को केरल में हुआ। पिता संगीत से जुड़े थे, इसलिए येसुदास को भी बचपन से संगीत में ही रुचि थी। वह सिर्फ 7 साल के थे, जब उन्होंने संगीत शुरू किया था।

पिता थे येसुदास के मेंटोर

येसुदास के गुरु यानी मेंटोर कोई और नहीं बल्कि उनके पिता ही थे। बाद में उन्होंने चेम्बई वैद्यनाथ भगवतर जैसे महान गुरु से शास्त्रीय गायन का गुण सीखा। येसुदास ने 60 के दशक में अपना संगीत करियर शुरू किया था। उन्होंने बतौर प्लेबैक सिंगर ‘कालपादुकल’ से गाना शुरू किया था। फिर उन्होंने ‘जय जवान जय किसान’, ‘छोटी सी बात’ और ‘चितचोर’ जैसी फिल्मों में गाना गाकर खुद को बेहतरीन गायकों की लिस्ट में शुमार कर दिया।

अवॉर्ड लेते-लेते थक गए थे येसुदास

साल 2021 में येसुदास ने संगीत जगत में 60 साल पूरे किए। उन्होंने अब तक कथित तौर पर 50 हजार से ज्यादा गाने गाए हैं। ऐसा कहा जाता है कि लता मंगेशकर ने भी लगभग इतने ही गाने गाए हैं। खैर, येसुदास ने अपने 6 दशक के करियर में हजारों गाने गाकर ढेर सारे अवॉर्ड्स भी अपने नाम किए हैं। उन्होंने 8 नेशनल अवॉर्ड और पद्म श्री, पद्म भूषण, पद्म विभूषण जैसे तमाम अवॉर्ड्स जीते हैं। येसुदास को इतने अवॉर्ड्स मिल गए हैं कि एक बार गायक ने इवेंट में मजाकिया अंदाज में कह दिया था कि अब उन्हें अवॉर्ड न दें, क्योंकि उनके पास बहुत अवॉर्ड्स हो गए हैं।

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