धनतेरस पर ज्वेलरी शेयरों में आई तेजी

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नई दिल्ली। धनतेरस के मौके पर शेयर बाजार में ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। सोने-चांदी की कीमतों में हालिया गिरावट के बाद निवेशकों का रुझान एक बार फिर ज्वेलरी सेक्टर की ओर बढ़ा है। शुक्रवार को टाइटन, कल्याण ज्वेलर्स, पीसी ज्वेलर्स, सेनको गोल्ड और थंगमयिल ज्वेलरी जैसे शेयरों में तेजी दर्ज की गई।

बाजार में टाइटन के शेयरों ने करीब 3.5 प्रतिशत की तेजी दिखाई, जबकि कल्याण ज्वेलर्स के शेयर लगभग 5 प्रतिशत तक चढ़े। वहीं सेनको गोल्ड और थंगमयिल ज्वेलरी में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली। विशेषज्ञों के मुताबिक, त्योहारी खरीदारी, शादी-ब्याह का सीजन और संगठित ज्वेलरी कारोबार में बढ़ती मांग इस तेजी के प्रमुख कारण हैं।

ज्वेलरी कंपनियों के कारोबार पर नजर

विश्लेषकों का मानना है कि सोने की कीमतों में आई गिरावट से ग्राहकों की खरीदारी क्षमता में सुधार हो सकता है। इससे आने वाली तिमाहियों में ज्वेलरी कंपनियों की बिक्री को समर्थन मिलने की उम्मीद है।

टाइटन और कल्याण ज्वेलर्स जैसे बड़े ब्रांड अपनी मजबूत बाजार स्थिति और स्टोर विस्तार के कारण निवेशकों की निगाह में बने हुए हैं। वहीं सेनको गोल्ड के कारोबार में भी संगठित ज्वेलरी बाजार की बढ़ती हिस्सेदारी से फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है।

2027 तक सोने की कीमतों का क्या है अनुमान?

ब्रोकरेज फर्म एक्सिस डायरेक्ट का मानना है कि सोने की कीमतों में आई गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर बन सकती है। ब्रोकरेज ने अगले धनतेरस तक सोने का भाव 1.65 लाख से 1.71 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने का अनुमान जताया है।

वहीं रेलिगेयर ब्रोकिंग ने सोने के लिए 1.30 लाख से 1.35 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का खरीदारी दायरा बताया है। इसके लिए 1.50 लाख रुपये और फिर 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।

चांदी में भी बड़ी तेजी की उम्मीद

चांदी को लेकर भी ब्रोकरेज का नजरिया सकारात्मक बना हुआ है। रेलिगेयर ब्रोकिंग के मुताबिक, चांदी में 1.50 लाख से 1.63 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के दायरे में धीरे-धीरे निवेश किया जा सकता है। ब्रोकरेज ने चांदी के लिए 2.17 लाख रुपये का पहला और 2.55 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का अगला लक्ष्य दिया है।

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

विशेषज्ञों का कहना है कि ज्वेलरी शेयरों में तेजी के बावजूद निवेशकों को जल्दबाजी में खरीदारी करने से बचना चाहिए। कंपनियों की बिक्री वृद्धि, मुनाफे का मार्जिन, स्टोर विस्तार और कर्ज की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। वहीं सोने-चांदी में निवेश के लिए एकमुश्त रकम लगाने के बजाय चरणबद्ध खरीदारी की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।

हालांकि, सोने-चांदी और ज्वेलरी शेयरों के ये लक्ष्य ब्रोकरेज एवं बाजार विशेषज्ञों के अनुमान हैं। इनमें बदलाव संभव है और किसी भी तरह के रिटर्न की गारंटी नहीं है।

 

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