कथा में उमड़ी श्रद्धालुओं भारी भीड़, जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर
महोबा। विकासखंड क्षेत्र जैतपुर के ग्राम नगाराडांग स्थित प्राचीन हनुमान द्वारी मंदिर परिसर में आयोजित श्रीराम महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं ने भक्ति और आध्यात्मिक ज्ञान की अमृत वर्षा का आनंद लिया। कथा व्यास देवी उन्नति द्विवेदी ने अपने ओजस्वी व भावपूर्ण प्रवचनों से उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कथा वाचिका ने भक्त श्यामा नामक घोडी, भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के अवतार कथा सहित अन्य कथाओं का श्रद्धालुओं को रसपान कराया।
कथा वाचिका ने कहा कि अयोध्या के प्रसिद्ध कनक भवन से जुड़ी भक्त श्यामा नामक घोड़ी की कथा एक अत्यंत मार्मिक और सच्ची घटना है, जो एक पशु के अपने आराध्य (कनक बिहारी) के प्रति अनन्य प्रेम और समर्पण को दर्शाती है। कथा सुनाते हुए कथा वाचिका ने कहा कि श्यामा भगवान राम की अनन्य भक्त थी, जो कनक भवन में संतों को देखकर सिर झुकाती थी और एकादशी पर जल तक नहीं पीती थी। वृद्धावस्था आने पर प्रबंधन ने उसे अयोध्या से ले जाने के लिए रेलवे स्टेशन ले जाया गया, तो चमत्कारिक रूप से वह रेलगाड़ी का डिब्बा कभी रेल से जुड़ ही नहीं पाया और अगली सुबह जब डिब्बा खोला गया, तो श्यामा अपने प्राण त्याग चुकी थी। इस तरह उसने प्रभु चरणों में ही अपने जीवन का अंतिम समय बिताया।
कथा वाचिका ने राजा बलि के प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि राजा बलि तीनों लोकों के अधिपति होने के बावजूद अत्यंत दयालु, न्यायप्रिय और प्रजावत्सल शासक थे। वे अपनी प्रजा से अपार प्रेम करते थे और उनके कल्याण को सर्वोपरि मानते थे। उनकी बढ़ती शक्ति और लोक प्रियता को देखकर देवताओं में चिंता व्याप्त हो गई थी, जिसके बाद भगवान विष्णु ने वामन अवतार धारण कर धर्म की मर्यादा की स्थापना की। कथा दौरान पूरा वातावरण भक्ति रस से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने भजन कीर्तन और धार्मिक प्रवचनों का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर प्रभु के जयकारे लगाते नजर आए। इस अवसर पर यज्ञाचार्य मथुरा प्रसाद शास्त्री, मुख्य यजमान अलका खरे एवं वीरेंद्र खरे सहित क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।





