माइक्रो इरीगेशन योजना का लक्ष्य 819हेक्टेयर , किसानों का चयन कर रहे कार्मिक
गुरुवार को जिलाधिकारी संजय चौहान ने कलेक्ट्रेट सभागार में उद्यान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में जिलाधिकारी ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना, पर ड्रॉप मोर क्रॉप माइक्रो इरिगेशन योजना तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) की विस्तार से समीक्षा की। जिला उद्यान अधिकारी रणवीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना वर्ष 2025-26 से संचालित की गई है। यह केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसमें 60 प्रतिशत केंद्रांश एवं 40 प्रतिशत राज्यांश का प्रावधान है। योजना के अंतर्गत फल, सब्जी, मसाले, पुष्प, कंद एवं प्रकंदीय फसलों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों का पंजीकरण बागवानी पारदर्शी किसान सेवा योजना पोर्टल पर ऑनलाइन “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर किया जाता है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में योजना के अंतर्गत टिश्यू कल्चर केला रोपण 25 हेक्टेयर, पपीता 1 हेक्टेयर, स्ट्रॉबेरी 2 हेक्टेयर, आम 2 हेक्टेयर, शाकभाजी 60 हेक्टेयर, मसाला फसलों में प्याज 29 हेक्टेयर, लहसुन 94 हेक्टेयर, हल्दी 1 हेक्टेयर, पुष्प खेती 3 हेक्टेयर, जैविक खेती 25 हेक्टेयर, सब्जियों में मचान 20 हेक्टेयर तथा फेंसिंग 5000 रनिंग मीटर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष किसानों से संपर्क कर कार्यवाही की जा रही है। इसके अतिरिक्त पर ड्रॉप मोर क्रॉप माइक्रो इरिगेशन योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में कुल 809 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इसमें ड्रिप सिंचाई 139 हेक्टेयर तथा स्प्रिंकलर सिंचाई 670 हेक्टेयर (मिनी स्प्रिंकलर 160 हेक्टेयर, माइक्रो स्प्रिंकलर 90 हेक्टेयर, पोर्टेबल स्प्रिंकलर 390 हेक्टेयर एवं रेनगन स्प्रिंकलर 30 हेक्टेयर) शामिल हैं। इस योजना में भी 60 प्रतिशत केंद्रांश एवं 40 प्रतिशत राज्यांश दिया जाता है। बैठक में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) पर चर्चा करते हुए बताया गया कि यह योजना पहले वर्ष 2026 तक संचालित थी, जिसे सरकार द्वारा आगामी तीन वर्षों के लिए और बढ़ा दिया गया है। पूर्व में इस योजना का लक्ष्य 515 था, जिसे अब बढ़ाकर 1474 कर दिया गया है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सचिन कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी वीरभानु सिंह आदि मौजूद रहे।





