कलेक्ट्रेट स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में जिलाधिकारी श्री घनश्याम मीना की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक बैठक आयोजित हुई। बैठक में जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, आशा भुगतान, संस्थागत प्रसव, परिवार नियोजन, दवाओं की उपलब्धता, एनआरसी केन्द्र, टीबी एवं एचआईवी जागरूकता अभियान, संचारी रोग नियंत्रण अभियान और नेत्रदान पखवाड़े की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मां एवं नवजात ट्रैकिंग पोर्टल पर शत-प्रतिशत डेटा फीडिंग तथा जन्म पंजीकरण सुनिश्चित कराया जाए। गर्भवती महिलाओं व किशोरियों में एनीमिया रोकने के लिए नियमित रूप से आयरन की दवा वितरित की जाए। उन्होंने कहा कि सीएचसी व पीएचसी को केवल रिफर सेंटर बनाकर न छोड़ा जाए, बल्कि स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने सभी चिकित्सा अधिकारियों को शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव और टीकाकरण अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के निर्देश दिए। साथ ही आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री और एएनएम को योजनाओं के लाभार्थियों का भुगतान समय पर करने पर जोर दिया।
बैठक में जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि जिन स्वास्थ्य केन्द्रों की प्रगति रिपोर्ट खराब है, उनके प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों का वेतन रोका जाएगा और प्रतिकूल प्रविष्ट दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी योजना का बजट लैप्स न होने पाए, अन्यथा संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
नेत्रदान पखवाड़े का उल्लेख करते हुए जिलाधिकारी ने लोगों से नेत्रदान का संकल्प लेने की अपील की और निर्देश दिया कि इसके अंतर्गत नि:शुल्क मोतियाबिंद और नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित किए जाएं। साथ ही उन्होंने संचारी रोग नियंत्रण के तहत साफ-सफाई, एंटी लार्वा छिड़काव और फॉगिंग नियमित कराने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गीतम सिंह सहित सभी डिप्टी सीएमओ, एसीएमओ, सीएमएस (पुरुष/महिला अस्पताल), एमओआईसी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।