लखनऊ में आयोजित गरिमामयी साहित्यिक समारोह में प्रदान किया गया सम्मान
लखनऊ : इल्म व अदब के ऐतिहासिक केंद्र लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायर डॉ. तारिक़ क़मर को उनकी उत्कृष्ट साहित्यिक सेवाओं के सम्मान में प्रतिष्ठित “वाली आसी अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया में आयोजित एक गरिमामयी साहित्यिक समारोह में शहर के गणमान्य नागरिकों, साहित्यकारों और शायरों की उपस्थिति में प्रदान किया गया।
यह अवॉर्ड मसऊदुल हसन उस्मानी, मौलाना अब्दुल अली फारूकी, इब्राहीम अलवी तथा वाली आसी अकादमी के अध्यक्ष मारूफ़ ख़ाँ के हाथों डॉ. तारिक़ क़मर को प्रदान किया गया। इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रसिद्ध चिंतक और साहित्यकार मसऊदुल हसन उस्मानी ने कहा कि समकालीन काव्य परिदृश्य में डॉ. तारिक़ क़मर को देखकर विशेष प्रसन्नता होती है, क्योंकि वे केवल उच्च शिक्षित, सुसंस्कृत और प्रतिभाशाली शायर ही नहीं, बल्कि एक बेहतरीन इंसान भी हैं।
मौलाना अब्दुल अली फारूकी ने कहा कि “वाली आसी अवॉर्ड” के लिए डॉ. तारिक़ क़मर का चयन इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि वाली आसी अकादमी ने एक महान शायर के नाम से जुड़े सम्मान के लिए एक वास्तविक और बड़े शायर का चयन किया है। उन्होंने अकादमी और चयन समिति को इस चयन पर बधाई दी। वाली आसी अकादमी के अध्यक्ष मारूफ़ ख़ाँ ने अपने संबोधन में कहा कि यदि देश के उच्च शिक्षित शायरों की सूची तैयार की जाए और उनके साहित्य का अकादमिक दृष्टि से मूल्यांकन किया जाए, तो डॉ. तारिक़ क़मर प्रमुख और अग्रणी नामों में शामिल दिखाई देंगे।
उन्होंने कहा कि अकादमी के लिए यह गर्व की बात है कि उसने एक गंभीर, जेनुइन और विशिष्ट आधुनिक शायर को इस सम्मान के लिए चुना है। संभल से संबंध रखने वाले डॉ. तारिक़ क़मर डी.लिट. और पीएच.डी. के साथ-साथ तीन विभिन्न विषयों में परास्नातक उपाधियाँ तथा अनेक महत्वपूर्ण शैक्षिक योग्यताएँ प्राप्त कर चुके हैं। उनकी शायरी पर अनेक शोधपरक और आलोचनात्मक लेख लिखे जा चुके हैं। हाल ही में सिरसी के काशिफ़ रज़ा ने उनकी नज़्म और ग़ज़ल की शायरी के विभिन्न आयामों पर पीएच.डी. पूर्ण की है।
डॉ. तारिक़ क़मर की चार काव्य-संग्रहों सहित दस से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जबकि वे बीस से अधिक देशों में उर्दू साहित्य का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उनकी शायरी पर शम्सुर्रहमान फारूकी, गोपीचंद नारंग , इफ्तिखार आरिफ़ तथा तकी आब्दी जैसे प्रतिष्ठित साहित्यकारों और आलोचकों ने सकारात्मक विचार व्यक्त किए हैं। डॉ. किश्वर जहाँ ज़ैदी ने भी उनके व्यक्तित्व और साहित्यिक अवदान पर एक महत्वपूर्ण पुस्तक संपादित की है। मरहूम वाली आसी के पुत्र जमाली आसी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. तारिक़ क़मर केवल संभल या लखनऊ ही नहीं, बल्कि पूरे देश का साहित्यिक प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अकादमी उन्हें यह सम्मान प्रदान कर स्वयं गौरवान्वित महसूस कर रही है।





