जलालपुर, अंबेडकरनगर। नगर के जाफराबाद स्थित बड़ी इमाम बारगाह में मोहम्मद जमान मरहूम पुत्र सिब्ते हसन के ईसाल- ए- सवाब के लिए आयोजित मजलिस- ए -चेहल्लुम को मौलाना सैयद नामदार अब्बास दिल्ली ने खिताब करते हुए बच्चों की शिक्षा और उनके नैतिक विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार और नैतिक मूल्य देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। बेहतर शिक्षा ही बच्चों को आत्मनिर्भर बनाती है और एक मजबूत, जागरूक व सभ्य समाज की नींव रखती है।
मौलाना ने कहा कि इस्लाम ने हमेशा ज्ञान अर्जन को सर्वोच्च स्थान दिया है और शिक्षा को हर इंसान के लिए जरूरी बताया है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दें और उन्हें अच्छी तालीम के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों का भी बोध कराएं। उन्होंने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब और उनके नवासों हजरत इमाम हसन व हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) की शिक्षाओं का हवाला देते हुए कहा कि अहले-बैत का जीवन ज्ञान, त्याग और इंसानियत की मिसाल है, जिससे नई पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए। मजलिस के दौरान शिक्षा के महत्व और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य पर विस्तार से चर्चा हुई।
मजलिस का आग़ाज़ मास्टर शरीफ़ अहमद की तिलावते कुरआन से हुआ।मजलिस से पूर्व अली हैदर मय हमनवां ने मर्सिया ख्वानी की। मास्टर कल्बे हसन, अज़हर कायमी, मोहम्मद अयान ने पेश ख्वानी किया। मजलिस में मौलाना कर्रार हुसैन, मौलाना मीसम रज़ा जाहिदी, मौलाना मेंहदी हसन वाइज, मौलाना जमीर शेख इब्ने हसन जाफरी, इब्ने अली जाफरी, मेंहदी हसन, अतहर कायमी,अंजुम असगर, अकबर अब्बास,अली हैदर, सिब्ते हसन, मास्टर वसी हैदर, अब्बास अली,हाजी आले हसन, अकबर एजाज कायमी समेत तमाम लोग मौजूद रहे।





