भव्य रुद्र महायज्ञ के दौरान आयोजित श्रीराम कथा में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला
महोबा। कस्बा अजनर स्थित प्रसिद्ध मरईमाता धाम पर आयोजित भव्य रुद्र महायज्ञ के दौरान आयोजित श्रीराम कथा में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। कथावाचक रामदास नाबोध महाराज ने श्रीराम कथा के माध्यम से भगवान राम केक आदर्श चरित्र, त्याग, मर्यादा और धर्म के संदेश दिया। कथा दौरान श्रद्धालु भाव विभोर हो उठा और जय श्रीराम के जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठा।
महाराज ने कहा कि रामनाम अविनाशी है, संसार में सब कुछ नश्वर है, लेकिन राम का नाम अमर, अजर और अमिट है। कहा कि राम नाम का स्मरण मनुष्य के जीवन को सुख, शांति, समृद्धि और मोक्ष से भर देता है। यह मानसिक तनाव और भय को कम करके आत्मबल, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है, जिससे जीवन के कष्ट दूर होते हैं। राम नाम का आश्रय लेने से व्यक्ति सांसारिक दुखों से ऊपर उठकर दिव्य आनंद और आध्यात्मिक शांति का अनुभव करता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता है। श्रीराम ने सत्य, कर्तव्य, सेवा, करुणा और परिवार के सम्मान का जो संदेश दिया, वही मानव जीवन का सच्चा मार्ग है।
कथा वाचक ने श्रीराम कथा पर श्रद्धालुओं का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि कहा कि श्रीराम कथा में मानव के जीवन का सार समाहित है। श्रीराम कथा मानव को जीवन जीने की कला सिखाती है। कहा कि राजा दशरथ के कुलगुरु वशिष्ठ ने श्रीराम के नामकरण संस्कार को कराया। ग्रहों और नक्षत्रों का व्यक्ति के जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में बताया। भगवान की भक्ति करके अपना और परिवार, समाज और देश में शांतिपूर्ण वातावरण सृजित कर सकते हैं। कहा कि जब जब धरती पर आतंक, अधर्म, पाप और दुराचार बढ़ता है, तब प्रभु किसी भक्त की पुकार पर अवतरित होते हैं। कथा के यजमान सपना एवं अरविंद कुशवाहा ने श्रद्धापूर्वक कथा श्रवण कर पूजन अर्चन किया। इस अवसर पर यज्ञ समिति के सदस्य, क्षेत्रीय गणमान्यजन तथा सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।





