वाराणसी। काशी की बेटियों द्वारा काशी की बेटियों और महिलाओं के स्वास्थ्य, स्वाभिमान एवं जागरूकता को समर्पित एक सराहनीय पहल के तहत ललिता सैनिटरी पैड् का औपचारिक शुभारंभ आर्य महिला नागरमल मुरारका मॉडल स्कूल चेतगंज में आयोजित माँ-बेटी जागरूकता संवाद कार्यक्रम के दौरान किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं एवं किशोरियों के बीच मासिक धर्म स्वच्छता, स्वास्थ्य जागरूकता और सुरक्षित जीवनशैली को लेकर सकारात्मक संवाद स्थापित करना था।
इस विशेष आयोजन का संचालन टीम ललिता द्वारा आर्य महिला नागरमल मुरारका मॉडल स्कूल के सहयोग एवं कुंडू फाउंडेशन के सहभाग से किया गया, जिसमें छात्राओं, माताओं, शिक्षकों, चिकित्सकों एवं समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही। कार्यक्रम ने महिलाओं से जुड़े संवेदनशील विषयों पर खुलकर चर्चा का एक सशक्त मंच प्रदान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत संस्था की सह-संस्थापक रशिका डिडवानिया के उद्घाटन संबोधन से हुई। उन्होंने “ललिता” पहल के पीछे की सोच, उसके सामाजिक उद्देश्य और महिलाओं के सम्मान एवं स्वावलंबन से जुड़े विज़न को विस्तार से साझा किया। वहीं सह-संस्थापक नंदिनी डिडवानिया ने महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता को समाज की प्राथमिक सआवश्यकता बताते हुए जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता के रूप में श्रीमती पूजा दीक्षित ने महिला नेतृत्व, शिक्षा और नारी सशक्तिकरण की आवश्यकता पर प्रभावशाली विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब महिलाएं स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में मजबूत हों।
कार्यक्रम में डॉ. दीपिका और डॉ. सलोनी ने मासिक धर्म स्वच्छता, स्वास्थ्य प्रबंधन और महिलाओं के कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर उपयोगी जानकारी साझा की। साथ ही कुंडू फाउंडेशन द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने माहवारी से जुड़े सामाजिक मिथकों और भ्रांतियों को प्रभावशाली ढंग से सामने रखते हुए जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।





