भारत में जल्द ही E85 पेट्रोल की बिक्री शुरू होगी, जो मौजूदा ईंधन से 20 रुपये प्रति लीटर तक सस्ता होगा। यह 85% इथेनॉल और 15% पेट्रोल का मिश्रण है, जिसका उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना है।
ईरान संघर्ष के चलते दुनियाभर के कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया है। भारत में भी मई के महीने में 4 बार पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाई गई। 15 मई से अब तक देश में पेट्रोल की कीमतों में 7.38 रुपये का इजाफा (Petrol Price Hike) और डीजल की कीमतों में 7.52 रुपये प्रति लीटर (Diesel Price Hike) तक का इजाफा हो चुका है। तेल की महंगी कीमतों के बीच जल्द ही E85 पेट्रोल की बिक्री शुरू हो सकती है।
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली में E85 ईंधन डिस्पेंसिंग सुविधा का उद्घाटन करते हुए यह जानकारी दी। ई85 पेट्रोल की कीमत 20 रुपये तक सस्ती होगी।
क्या है E85 पेट्रोल, जो 20 रुपये तक सस्ता मिलेग?
E85 एक विशेष प्रकार का ईंधन है, जिसमें 85% इथेनॉल और 15% पेट्रोल (E85 Petrol Price) होता है। सरकार ने इसकी कीमत E20 पेट्रोल के मुकाबले 20 रुपये प्रति लीटर कम रखने का फैसला किया है। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल से लगभग एक-तिहाई कम होती है। कम कीमत देकर इस अंतर की भरपाई की जाएगी।
फिलहाल देशभर में E20 पेट्रोल उपलब्ध (E20 Petrol) रहेगा, क्योंकि अधिकांश वाहन 20% इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन पर आसानी से चल सकते हैं। सरकार चरणबद्ध तरीके से E85 ईंधन की उपलब्धता बढ़ाएगी।
इन शहरों में शुरू किए जाएंगे E85 फ्यूल स्टेशन?
हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर, पुणे, मुंबई और नागपुर में 50 से 100 E85 फ्यूल स्टेशन शुरू किए जाएंगे। इसके बाद 2026 के अंत तक इनकी संख्या बढ़ाकर 500 और 2027 के अंत तक 5,000 करने का लक्ष्य रखा गया है।
E85 ईंधन को बढ़ावा देने के साथ-साथ सरकार ऐसे वाहनों की संख्या भी बढ़ाना चाहती है जो इस ईंधन पर चल सकें। हाल ही में मारुति सुजुकी और हीरो मोटोकॉर्प ने ऐसे वाहन लॉन्च किए हैं जो E85 ईंधन का इस्तेमाल कर सकते हैं।
कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने की कोशिश
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इथेनॉल के बढ़ते उपयोग से भारत की कच्चे तेल (India Crude Oil Dependency) के आयात पर निर्भरता कम होगी। वर्तमान में देश का जीवाश्म ईंधन आयात बिल लगभग 120 अरब डॉलर है। उन्होंने बताया कि यदि अधिक वाहन E100 (100% इथेनॉल) पर चलने लगें, तो आयात खर्च में और बड़ी कमी आ सकती है।
इंडियन ऑयल पहले से ही दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु में लगभग 400 E100 ईंधन स्टेशन (E100 Oil Pump) संचालित कर रही है।
मंत्री ने कहा कि यदि देश में बनने वाले आधे दोपहिया और चारपहिया वाहन फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक से लैस हो जाएं, तो 311.8 करोड़ लीटर अतिरिक्त इथेनॉल की मांग पैदा होगी। इससे किसानों को करीब 12,403 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय मिल सकती है।
उन्होंने बताया कि भारत ने 2014 में 1.5% इथेनॉल ब्लेंडिंग से बढ़कर अब 20% इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल कर लिया है। इस कार्यक्रम की वजह से अब तक 302 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल के आयात को बदला जा चुका है, जिससे देश को लगभग 1.84 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है।





