दूरदर्शन के शो Ramayan के घर-घर में मशहूर होने से पहले एक ऐसा शो आया था जिसे देखे बिना लोग सोते नहीं थे।
जब टेलीविजन पर आज के जैसे सैकड़ों चैनल्स नहीं होते थे तब सिर्फ दूरदर्शन ही मनोरंजन का साधन होता था। ऐसे में DD National पर प्रसारित होने वाले शोज को पूरा परिवार एक साथ बैठकर देखा करता था।
41 साल पहले प्रसारित होता था ये शो
रामानंद सागर (Ramanand Sagar) की रामायण (Ramayan) के घर-घर में फेमस होने से पहले 41 साल पहले एक ऐसा शो दूरदर्शन पर प्रसारित होता था जिसे परिवार के बच्चे से लेकर बूढ़ें तक साथ बैठकर देखा करते थे।
इस शो में कई कहानियां होती थीं जिन्हें बच्चे बड़े चाव से सुनते और देखते थे और बिना इसे देखे किसी को नींद नहीं आती थी। यह शो लगभग 1 साल से ज्यादा वक्त तक प्रसारित हुआ था जिसका नाम था- ‘विक्रम और बेताल’ (Vikram Aur Betaal) एक भारतीय टेलीविजन सीरीज है जो 1985 में DD नेशनल पर प्रसारित हुई थी और हिट सीरीज ‘रामायण’ के बाद 1988 में इसे दोबारा प्रसारित किया गया था।
घर-घर में गूंजती थी कहानियां
इस सीरीज़ में भारतीय पौराणिक कथाओं की कहानियां शामिल थीं। यह प्रोग्राम ‘बेताल पच्चीसी’ पर आधारित था, जो भारत की कहानियों और लोककथाओं का एक संग्रह है, इसमें 25 कहानियां हैं जो बेताल द्वारा विक्रम को सुनाई जाती हैं। बेताल, विक्रमादित्य को रोज एक कहानी सुनाता था लेकिन एक शर्त पर कि वह बीच में उसे टोकेगा नहीं। आखिरी में जब बेताल राजा से ही पूछता कि वह उस स्थिति में क्या करता? जब विक्रमादित्य इस पर जवाब देते उसके बाद बेताल छूमंतर हो जाता क्योंकि उसकी ना बोलने वाली शर्त राजा तोड़ देता था।
यह महान राजा विक्रम (जिन्हें विक्रमादित्य के रूप में पहचाना जाता है) और भूत बेताल (जिन्हें वेताल के रूप में पहचाना जाता है, जो पश्चिमी साहित्य में वैम्पायर जैसी एक आत्मा है) की कहानी है। यह शो 1985 से 1986 तक रविवार को भारतीय मानक समय के अनुसार शाम 4:30 बजे प्रसारित होता था।
इस सीरीज में अरुण गोविल ने महाराजा विक्रमादित्य का किरदार निभाया था वहीं सज्जन लाल पुरोहित ने बेताल का रोल प्ले किया था। इस टेलीविजन सीरीज में अरविंद त्रिवेदी, दीपिका चिखलिया, विजय अरोरा, सुनील लाहिरी, लिलीपुट, समीर रजदा जैसे कलकाारों ने काम किया था।





