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‘मैं फनी बनने की कोशिश कर रहा था’, G7 समिट में I am the Boss वाली टिप्पणी पर डोनल्ड ट्रंप ने दी सफाई

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने G7 शिखर सम्मेलन में खुद को ‘बॉस’ कहने वाली अपनी वायरल टिप्पणी पर सफाई दी है। उन्होंने बताया कि यह सिर्फ एक मजाक था जिसे गलत संदर्भ में ले लिया गया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप अक्सर अपने बेबाक और अनोखे अंदाज के लिए पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बने रहते हैं। हाल ही में फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था।

इस वीडियो में ट्रंप दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों के नेताओं के बीच जाकर खुद को बॉस बताते हुए नजर आ रहे थे। उनके इस बयान ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था। अब ट्रंप ने अपनी इस वायरल टिप्पणी पर चुप्पी तोड़ी है और सफाई देते हुए कहा है कि वह सिर्फ मजाक कर रहे थे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने यह स्पष्टीकरण द एक्सिओस शो पर एक इंटरव्यू के दौरान दिया। उन्होंने बताया कि उनकी वह टिप्पणी पूरी तरह से एक मजाक थी और उसे गलत संदर्भ में ले लिया गया। इंटरव्यू के दौरान उस पल को याद करते हुए होस्ट ने ट्रंप से पूछा, “आप अंदर गए और आपने कहा, मैं बॉस हूं। वहां मौजूद नेताओं में से कितनों ने इस बात पर विश्वास किया होगा?”

मैं सिर्फ मजाकिया होने की कोशिश कर रहा था

इस सवाल के जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि जब वह उस कमरे में दाखिल हुए जहां दुनिया के बड़े नेता पहले से अपनी सीटों पर बैठे थे, तब वह सिर्फ मजाकिया होने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस टिप्पणी को गंभीरता से लेने का उनका कोई इरादा नहीं था।

ट्रंप ने आगे बताया कि उनमें से सभी ने सुना, लेकिन मैं सिर्फ मजाक कर रहा था। हुआ यूं कि वे सभी बैठे हुए थे और फिर मैं कमरे में दाखिल हुआ। वे सभी जानी-मानी हस्तियां हैं, देशों के प्रमुख हैं, मैं अंदर गया और मैंने बस उनकी तरफ देखा और कहा कि मैं बॉस हूं। यह सिर्फ एक मजाक के तौर पर कहा गया था। लेकिन यह बात पूरी दुनिया में फैल गई। मुझे विश्वास नहीं हो रहा है। मैं सिर्फ मजाकिया होने की कोशिश कर रहा था। मैं बॉस बनने की कोशिश नहीं कर रहा था।

यह वाकया तीन दिवसीय जी-7 शिखर सम्मेलन के आखिरी दिन का है। बुधवार की सुबह जब ट्रंप अंतिम दिन के सत्र की बैठक में पहुंचे, तो वहां अन्य नेता पहले से ही बैठे हुए थे। अपने 80वें जन्मदिन के जश्न के ठीक बाद ट्रंप शक्तिशाली लोकतांत्रिक देशों के जी-7 क्लब के इस महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन के लिए फ्रांस पहुंचे थे।

क्या हैं जी-7?

जी-7 देश बारी-बारी से इस सम्मेलन की मेजबानी और आयोजन करते हैं। फ्रांस ने पिछले साल के शिखर सम्मेलन के मेजबान कनाडा से जी-7 की अध्यक्षता हासिल की थी, और 2027 में इसे अमेरिका को सौंपेगा।

इस ताकतवर क्लब का पहला शिखर सम्मेलन 1975 में फ्रांस के रामबौइलेट में हुआ था। तब इसमें छह देशों – फ्रांस, पश्चिम जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका के नेता एक साथ आए थे।

इसका उद्देश्य द्वितीय विश्व युद्ध के बाद आई सबसे बड़ी आर्थिक मंदी से उबरने के तरीकों पर विचार-मंथन करना था। इसके अगले ही वर्ष कनाडा भी इस समूह में शामिल हो गया, जिसके बाद से इसे जी-7 कहा जाने लगा।

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