पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में गिग वर्कर्स ने 16 मई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन (GIPSWU) ने सरकार और डिजिटल प्लेटफॉर्म से प्रति किलोमीटर सर्विस रेट बढ़ाने की मांग की है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के खिलाफ गिग वर्कर्स ने मोर्चा खोल दिया है। आज यानी 16 मई शनिवार को गिग वर्कर्स ने एक अस्थायी राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। गिग एंड प्लेटफ़ॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन (GIPSWU) ने सरकार और बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म, दोनों से प्रति किलोमीटर सर्विस रेट में तुरंत बढ़ोतरी की मांग की है।
यूनियन ने 16 मई की दोपहर 12:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक ऐप आधारित सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद रखने का आह्वान और देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है। यूनियन का तर्क है कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण, लंबे समय तक काम करने के बावजूद उनके लिए पर्याप्त कमाई करना मुश्किल होता जा रहा है।
पेट्रोल-डीजल की बढ़ोतरी का असर गिग वर्कर्स पर पडे़गा
दरअसल, महंगाई के कारण मुनाफा कम होने और गिग वर्कर्स के अधिकारों की रक्षा के लिए अभी तक कोई केंद्रीय कानून न होने के चलते, ईंधन की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी का भारत के 1.2 करोड़ गिग वर्कर्स पर सीधा असर पड़ेगा। यही कारण है कि आज गिग वर्कर्स ने देशव्यापी हड़ताल का एलान किया है।
यूनियन ने सोशल मीडिया पर लिखा, “GIPSWU पूरे भारत में गिग और प्लेटफॉर्म वर्करों से अपील करता है कि वे कल दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक ऐप-आधारित सेवाओं को कुछ समय के लिए बंद रखें। यह विरोध ईंधन की बढ़ती कीमतों और पेमेंट की कम दरों के खिलाफ है।”
ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण अपनी ‘टेक-होम पे’ (हाथ में आने वाली कमाई) पर भारी दबाव पड़ने से, गिग वर्कर्स अब इसका विरोध कर रहे हैं। शनिवार को की गई अपनी अस्थायी हड़ताल के जरिए, वे इस बात पर प्रकाश डालना चाहते हैं कि कैसे रोजमर्रा के बढ़ते खर्च और कंपनियों से मिलने वाले कम भुगतान का मेल, उनके लिए गुजारा करना लगभग नामुमकिन बना रहा है।





