369 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा साढ़े आठ किमी लंबी सड़क का निर्माण
शहर के पूर्वी वाह्य हिस्से से होकर महराजगंज, पिपराइच मार्ग पर जाने में होगी सहूलियत
अब तक की भौतिक प्रगति 97 प्रतिशत, 30 जून तक कार्य समाप्त करने का लक्ष्य
गोरखपुर। रोड कनेक्टिविटी की सुदृढ़ता और यातायात सुगमता के लिहाज से गोरखपुर के खाते में जल्द ही एक और उपलब्ध दर्द होने वाली है। साढ़े आठ किमी की लंबाई वाली जिला जेल बाईपास फोरलेन सड़क अगले दो माह में बनकर तैयार हो जाएगी। इसका निर्माण अब अतिम चरण में है। 369.04 करोड़ रुपये की लागत वाली इस फोरलेन सड़क के बन जाने से शहर के यातायात ढांचे में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
जिला जेल बाईपास के फोरलेन में परिवर्तित हो जाने से शहर के पूर्वी वाह्य हिस्से से महराजगंज और पिपराइच मार्ग पर जाने वाले यात्रियों को काफी सहूलियत मिल जाएगी। फोरलेन बाईपास के जरिये वाहन तेजी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे, जिससे ईंधन और समय दोनों की बचत होगी।
कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड-तीन के अनुसार जिला जेल बाईपास फोरलेन निर्माण की अब तक कि भौतिक प्रगति 97 प्रतिशत है। मुख्य सड़क का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, जल निकासी और फिनिशिंग से जुड़े कुछ कार्य हैं जिन्हें तेजी से कराया जा रहा है। 30 जून तक हर हाल में कार्य समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि मानसून की शुरुआत से पहले इसे आवागमन के लिए पूरी तरह खोल दिया जाए।





