पिछले छह महीने में वैवाहिक कलह से 90 जोड़ों की शादी टूटने से बचाई
शाहजहांपुर – वैसे पुलिस का काम आपराधिक मुकदमे दर्ज कर उनकी छानबीन करना और क्रिमिनल लोगों को पड़कर जेल भेजना है लेकिन शाहजहांपुर जनपद की पुलिस सिर्फ क्रिमिनल ही नहीं पकड़ती रिश्ते भी टूटने से बचाती है आज के जमाने में पारिवारिक कलह के चलते पति-पत्नी के बीच विवाद को लेकर अदालतों में मुकदमों की भरमार है और जब मामला कोर्ट पहुंच जाता है तो अधिकतर मुकदमों में वैवाहिक रिश्ते टूट जाते हैं और पति-पत्नी के साथ-साथ दो परिवारों में दूरियां बन जाती है कई बार तो ऐसा भी देखा गया कि वैवाहिक मुकदमे अदालत में इतने दिन चलते हैं की वैवाहिक जीवन ही बर्बाद हो जाता है
या फिर वैवाहिक झगड़ों के चलते पति-पत्नी जीवन लीला समाप्त कर लेते हैं शाहजहांपुर जनपद में जिस तरह से शाहजहांपुर पुलिस पुलिस लाइन में स्थापित परिवार परामर्श केंद्र के माध्यम से बगैर कानूनी कार्रवाई किए सुलह समझौते के माध्यम से पिछले 6 माह में 90 वैवाहिक जोड़ों को एक दूसरे से मिलाकर समझौता करा चुकी है इसकी पूरे जनपद में सराहना हो रही है पुलिस ने परिवारों को बचाने और वैवाहिक कलह को कम करने की एक सराहनीय पहल के तहत, 90 अलग हुए कपल्स को फिर से साथ लाने में सफलता हासिल की है.
यह उपलब्धि पुलिस लाइन क्षेत्र में स्थापित परिवार परामर्श केंद्र में की गई काउंसलिंग के ज़रिए संभव हुई पुलिस अधीक्षक (SP) राजेश द्विवेदी ने बताया कि पिछले छह महीनों में केंद्र को कुल 265 वैवाहिक विवादों से जुड़े मामले मिले. इनमें से 90 मामलों का शांतिपूर्ण समाधान काउंसलिंग के ज़रिए किया गया, और सिर्फ एक मामला ऐसा था जिसमें एफआईआर दर्ज करनी पड़ी. बाकी सभी विवाद बिना कानूनी कार्रवाई के सुलझा लिए गए.
परामर्श केंद्र में आने वाले मामलों में ज्यादातर में घरेलू हिंसा, शराब की लत, परिवार की उपेक्षा, संदेह, ससुराल पक्ष की दखलअंदाज़ी, दहेज विवाद और अवैध संबंध शामिल थे.





