इटावा। करवाखेड़ा स्थित ज्ञानस्थली विद्यालय में बाबा साहब की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनायी गई।राष्ट्रीय अवकाश के रहते ज्ञानस्थली विद्यालय समिति के अध्यक्ष(चेयरमैन)शिवप्रसाद यादव ने माॅं सरस्वती व अम्बेडकर जी के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्पहार किया।शिवप्रसाद यादव ने बाबा साहब की 135 वीं जयंती पर सभी क्षेत्रवासियों व विद्यालय परिवार के सभी शिक्षकों को उच्य शुभकामनाएं प्रेषित की।इस विशेष जयंती दिवस पर बाबा साहब की भूमिका के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ.भीमराव अम्बेडकर जी का जन्म 14 अप्रैल 1891 को हुआ था। उन्होंने अपने जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना किया,लेकिन शिक्षा और संघर्ष के बल पर वे एक महान विद्वान बने।उन्होंने विदेशों से उच्च शिक्षा प्राप्त की और समाज में फैली असमानताओं के खिलाफ आवाज उठाई।अम्बेडकर जी का सबसे बड़ा योगदान भारतीय संविधान का निर्माण है।
उन्होंने संविधान में सभी नागरिकों को समान अधिकार देने पर जोर दिया।उन्होंने दलितों और कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष किया।उनका उद्देश्य एक ऐसा समाज बनाना था जहाँ सबको समान अवसर मिले।विद्यालय के प्रभावी नेतृत्वकर्ता प्रधानाचार्य अंशुल तिवारी ने इस जयंती दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि अम्बेडकर दिवस हमें यह सिखाता है कि शिक्षा, मेहनत और दृढ़ संकल्प से हम किसी भी बाधा को पार कर सकते हैं।हमें उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में समानता और न्याय स्थापित करने का प्रयास करना चाहिए।कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति प्रमुख शिवमंगल सर, ज्ञानस्थली ग्रुप ऑफ स्कूल्स के स्पोर्ट डायरेक्टर खेल वासिफ खान सर,वित्त विभाग प्रमुख नीरज त्रिपाठी सर व विद्यालय परिवार के सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे।





