उत्तर प्रदेश में खुरपका-मुंहपका रोग की रोकथाम के लिए 22 जुलाई से टीकाकरण अभियान शुरू होगा, जिसमें 3.37 करोड़ से अधिक पशुओं को टीका लगाने का लक्ष्य है। पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने अभियान के प्रभावी संचालन और भारत पशुधन ऐप पर रियल टाइम डेटा अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।
लखनऊ। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने प्रदेश में खुरपका-मुंहपका रोग (एफएमडी) की प्रभावी रोकथाम के लिए 22 जुलाई से शुरू हो रहे टीकाकरण अभियान के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए हैं। आठ सितंबर तक चलने वाले इस अभियान में प्रदेश में 3,37,80,404 खुराक लगाने का लक्ष्य है। मंत्री ने अधिकारियों को प्रत्येक टीकाकरण का विवरण भारत पशुधन एप पर रियल टाइम अपलोड करने के भी निर्देश दिए हैं।
मंंगलवार को विधान सभा स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक में पशुधन मंत्री ने कहा कि टीकाकरण के लिए जिला स्तर पर माइक्रो प्लान तैयार कर टीकाकरण दलों का प्रशिक्षण समय से पूरा करा लिया जाए। वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए निर्धारित दो से आठ डिग्री सेल्सियस तापमान के अनुरूप भंडारण व परिवहन की व्यवस्था करें।
वैक्सीन, सिरिंज, नीडिल, ईयर टैग व पीपीई किट आदि सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान की दैनिक प्रगति की मुख्यालय स्तर पर समीक्षा की जाए। अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
समीक्षा बैठक में मंत्री ने क्या कहा?
गो-आश्रय स्थलों की समीक्षा में मंत्री ने कहा कि वर्षाकाल को देखते हुए चारा, भूसा, स्वच्छ पेयजल आदि व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं। जलभराव रोकने को निकासी की व्यवस्था की जाए। मंत्री ने बरेली, मुरादाबाद व मेरठ मंडलों में दुग्ध समितियों के गठन की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए।
कहा कि कम प्रगति वाले क्षेत्रों में विशेष प्रयास कर लक्ष्यों को पूरा किया जाए। पशुधन एवं दुग्ध विकास राज्यमंत्री कृष्णा पासवान ने योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाने के साथ ही उनकी प्रगति की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम, दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के., विशेष सचिव देवेंद्र पांडेय व राम सहाय यादव, प्रबंध निदेशक पीसीडीएफ वैभव श्रीवास्तव, निदेशक पशुपालन डा. राजेंद्र सिंह, डा. संगीता तिवारी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी पशुधन विकास परिषद डा. पीके सिंह आदि उपस्थित थे।





