शोहरतगढ़ सिद्धार्थनगर। भारत नेपाल सीमा पर मर्यादपुर नाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां ट्रैफिक जांच के दौरान एक भारतीय ट्रक में क्षमता से लगभग तीन गुना ज्यादा माल लदा मिला। जानकारी के अनुसार UP 70 FT 2626 नंबर के ट्रक की निर्धारित क्षमता 27.5 टन है, लेकिन भंसार दस्तावेजों में उसी ट्रक में 69.9 टन माल दर्ज पाया गया। यानी एक ही ट्रक में तीन ट्रकों के बराबर भार ढोया जा रहा था। शनिवार को चलाए गए विशेष अभियान में जांच किए गए 25 भारतीय ट्रकों में सभी ओवरलोड पाए गए। इनमें से 7 ट्रक क्षमता से दोगुने से अधिक भार के साथ चलते मिले। सभी वाहनों को आगे की कार्रवाई के लिए यातायात कार्यालय भेजा गया है।
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार पहली बार पकड़े जाने पर प्रति ट्रक 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। दोबारा उल्लंघन पर माल उतरवाने की कार्रवाई की जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि ओवरलोड वाहन सड़क पर बड़े खतरे का कारण बनते हैं। इससे ब्रेक सिस्टम पर दबाव बढ़ता है, संतुलन बिगड़ता है और दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। साथ ही सड़क और पुलों को भी भारी नुकसान पहुंचता है।
नेपाल में जहां ओवरलोड वाहनों पर सख्ती दिख रही है, वहीं भारत की ओर जांच व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। सीमावर्ती इलाकों, खासकर खुनुवा बॉर्डर, पर जांच के नाम पर औपचारिकता होने की चर्चा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सख्ती नहीं बढ़ाई गई तो ओवरलोडिंग और तस्करी दोनों ही बड़े खतरे का रूप ले सकते हैं। निष्कर्ष सीमा पार आवाजाही करने वाले भारी वाहनों पर निगरानी और सख्ती दोनों जरूरी हैं। अन्यथा “एक ट्रक में तीन ट्रकों का लोड” जैसे मामले सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनते रहेंगे।





