प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की भूमिका को सुदृढ़ बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार लगातार नये कदम उठा रही है। कम पूँजी में स्थापित होने वाले ये उद्यम न सिर्फ लाखों युवाओं को रोजगार दे रहे हैं, बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से भी अनुकूल सिद्ध हो रहे हैं।
प्रदेश सरकार द्वारा 28 सितंबर 2022 को लागू की गई नवीन एमएसएमई नीति-2022 के तहत रोजगार सृजन में 15 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। बुन्देलखण्ड और पूर्वांचल में उद्योग स्थापना के लिए भूमि क्रय पर 100 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी की छूट तथा शेष प्रदेश में 75 प्रतिशत तक छूट दी जा रही है।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी), विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना जैसी रोजगारपरक योजनाओं को ‘निवेश मित्र’ पोर्टल से जोड़ा गया है। इससे उद्यमियों को लाइसेंस, अनुमति व अनापत्ति प्रमाण पत्र अब पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध हो रहे हैं।
प्रदेश में अब तक 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयाँ संचालित हो रही हैं, जिनमें 2 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है। वहीं, 38 लाख से अधिक उद्यम पंजीकृत किए जा चुके हैं। उद्यमियों की समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए फैसिलिटेशन काउंसिल को मण्डल स्तर तक विकेन्द्रीकृत किया गया है।
सूक्ष्म उद्यमियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री सूक्ष्म उद्यमी दुर्घटना बीमा योजना भी लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत दुर्घटना की स्थिति में अधिकतम 5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाती है।
ओडीओपी ई-कॉमर्स पोर्टल www.odopmart.com के माध्यम से प्रदेश के हस्तशिल्प, हथकरघा व पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुँचाया जा रहा है। प्रदेश में अब तक कई कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे स्थानीय कारीगरों व उद्यमियों को आधुनिक सुविधाएँ मिल रही हैं।
प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 के दौरान एमएसएमई क्षेत्र में हजारों एमओयू हस्ताक्षरित हुए, जिनमें करोड़ों रुपये का निवेश प्रस्ताव मिला है। इन निवेश प्रस्तावों को धरातल पर लाने का कार्य तेजी से चल रहा है।
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केन्द्रों का आधुनिकीकरण भी किया जा रहा है। वहीं, उत्तर प्रदेश ने भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में गोल्डन एवं फोकस राज्य पुरस्कार हासिल कर अपनी पहचान बनाई है।
प्रदेश सरकार के इन प्रयासों से न केवल औद्योगिक विकास को बल मिल रहा है बल्कि युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं।





