उत्तर प्रदेश इंजीनियर्स एसोसिएशन के बैनर तले इंजीनियरों ने दिया ज्ञापन
आजमगढ़ के जिलाधिकारी रवीन्द्र -द्वितीय द्वारा वहां तैनात सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता के साथ बदसलूकी, अमानवीय व्यवहार और जानलेवा हमले से नाराज़ प्रदेश के सभी विभागों के अभियंताओं ने बुधवार को अपने अपने जनपदों में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारियों को दिया। अमेठी में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता इंजीनियर मनीष रंजन के साथ लोक निर्माण विभाग,जल निगम, सिंचाई विभाग, शारदा सहायक खंड -41और49, और ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अभियंताओं ने डी एम संजय चौहान को ज्ञापन दिया।
ज्ञापन में जिलाधिकारी आजमगढ़ को बर्खास्त करने और उनके विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के साथ केन्द्रीय सिविल सेवा आचरण नियमावली -1964के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।
उत्तर प्रदेश इंजीनियर्स एसोसिएशन के बैनर तले दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश के सभी अभियंताओं द्वारा जनहित और विकास कार्यों को ठीक से सम्पादित किया जा रहा है, इसके बावजूद उत्तर प्रदेश में जिलाधिकारियों द्वारा अभियंताओं के उत्पीड़न और उनके पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली घटनाओं में वृद्धि हो रही है।
शासन के निर्देश पर आयोजित बैठकों में ही अभियंताओं को बुलाया जाय और बैठक की वीडियोग्राफी कराई जाए, इंजीनियर्स एसोसिएशन यह भी मांग करता है।
अधिशासी अभियंता इंजीनियर रमेश चंद्र , इंजीनियर शैलेन्द्र कुमार, इंजीनियर अनिल कुमार राव, सहायक अभियंता हीरामणि,आर के गुप्ता, इंजीनियर प्रीतम सिंह, इंजीनियर फूल सिंह, इंजीनियर जुबेर अहमद, इंजीनियर डी पी गौतम,अंशू गुप्ता आदि मौजूद रहे।
ज्ञापन की प्रतियां राज्यपाल, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को भी भेजी गई हैं।





