उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत युवाओं को व्यवसाय के लिए ऋण देने की न्यूनतम आयु सीमा 21 से घटाकर 18 वर्ष करने की तैयारी में है। यह बदलाव एमएसएमई विभाग द्वारा लक्ष्य पूरा न होने के कारण प्रस्तावित किया गया है, जिससे अधिक युवा बिना ब्याज व गारंटी के 5 लाख रुपये तक का ऋण प्राप्त कर सकें।
लखनऊ। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना अभियान के तहत युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने की खातिर ऋण उपलब्ध कराने के लिए न्यूनतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट देने की तैयारी की जा रही है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग ने इस संदर्भ में प्रस्ताव तैयार कर लिया है।
योजना के तहत अभी तक 21 से 40 आयु वर्ष तक के युवाओं को बिना ब्याज व गारंटी के पांच लाख रुपये तक का ऋण दिया जा रहा है। एमएसएमई विभाग अब न्यूनतम आयु सीमा को कम करके 18 वर्ष करने की तैयारी कर रहा है।
10 लाख युवाओं को ऋण देने का टारगेट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश दिवस के मौके पर पिछले वर्ष 24 जनवरी को योजना का शुभारंभ किया था। योजना के तहत 10 वर्षों में बिना ब्याज व गारंटी के 10 लाख युवाओं को ऋण देने का लक्ष्य सरकार ने निर्धारित किया है।
एमएसएमई विभाग तमाम कोशिशों के बाद भी निर्धारित लक्ष्य को पूरा नहीं कर पा रहा है। इसलिए विभाग ने योजना को लेकर न्यूनतम आयु में तीन वर्ष की छूट देने और ऋण की राशि बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव किया है।





