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सरदार भगत सिंह को शहीद का दर्जा दिलाने के लिए ए ऍफ़ टी बार एसोसिएशन शुरू किया हस्ताक्षर अभियान
सरदार भगत सिंह को आज तक शहीद का दर्जा न मिलना दुर्भाग्यपूर्ण : विजय कुमार पाण्डेय
जनमानस में शहीद का स्थान प्राप्त कर चुके भगत सिंह को आधिकारिक दर्जा दे सरकार:डीएसतिवारी

भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन में ब्रिटिश सरकार को सीधी चुनौती देने वाले सरदार भगत सिंह ने 23 मार्च 1931 में आजादी के लिए फांसी के फंदे पर चढ़ गए उनकी शहादत भारतीय जनमानस में शहीद के दर्जे को तो प्राप्त कर लिया लेकिन भारत सरकार के आधिकारिक दस्तावेजों में शहीद के रूप में उनको वह स्थान नहीं मिल पाया जो मिलना चाहिए था इसलिए ए ऍफ़ टी बार एसोसिएशन ने सरदार भगत सिंह के बलिदान को आधिकारिक स्वरूप प्रदान कराने के लिए 9 नवमबर को शुरू किया है जिसकी शुरुआत बार के अध्यक्ष ने हस्ताक्षर करके किया .बार के जनरल सेक्रेटरी विजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि समाजवादी,वामपंथी और मार्क्सवादी विचारधाराके सरदार भगत सिंह ने ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध खुले विद्रोह को बुलन्दी प्रदान की और युवावस्था में ही देश के लिए बलिदान हो गये लेकिन स्वतंत्रता के पश्चात् भी उनको शहीद का स्थान न मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है इसलिए हमारी बार इसके लिए संघर्ष के पथ पर अग्रसर है और यह हस्ताक्षर अभियान इंदिरा-नगर, निशात गंज, आलमबाग, सरस्वतीपुरम, नीलमथा, कैंट एवं हजरतगंज समेत कई स्थानों पर किया जाया जाएगा, बार के पूर्व महामंत्री डीएस तिवारी ने कहा कि सरकार ने चाहे भगत सिंह को शहीद का दर्जा न दिया हो लेकिन जनमानस के दिलों में उन्होंने वह सम्मान प्राप्त कर लिया है और हम इस दर्जे को आधिकारिक स्वरूप प्रदान कराने के लिए कृत संकल्प हैं बार के संयुक्त सचिव पी के शुक्ला ने कहा कि सरकार अब बगैर किसी विलम्ब के भगत सिंह को शहीद का दर्जा प्रदान करे जिससे जनमानस की भावना को सम्मान मिल सके, पूर्व कोषाध्यक्ष आर चंद्रा ने कहा कि हम अब निर्णायक संघर्ष के लिए कदम बढा चुके हैं और सरकार फैसला करे कि वह क्या करना चाहती है, मौके पर भानु प्रताप सिंह, विशाल भटनागर, पारिजात बेलोरा, कविता सिंह,कविता मिश्रा, विनय पाण्डेय, शैलेन्द्र कुमार सिंह, रोहित कुमार,वीपीपाण्डेय,वी.पीएस वत्स, विपिन कुमार सिंह एवं शमशाद आलम मौजूद थे.
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