Monday, April 20, 2026
spot_img
HomeMarqueeहसनपुर कसार के बहुचर्चित मामले में नया मोड़, न्यायालय ने क्रॉस केस...

हसनपुर कसार के बहुचर्चित मामले में नया मोड़, न्यायालय ने क्रॉस केस दर्ज करने का दिया आदेश

न्यायालय ने क्रॉस एफआईआर का दिया आदेश

एकतरफा कार्रवाई पर कोर्ट का हस्तक्षेप, अब दोनों पक्षों पर चलेगा मामला

महिला की शिकायत पर कोर्ट सख्त, गंभीर धाराओं में केस दर्ज करने के निर्देश

फतेहपुर। जनपद के थाना सुल्तानपुर घोष क्षेत्र अंतर्गत पूरे काशी मजरा हसनपुर कसार गांव में बीते 18 मार्च 2026 को हुई हिंसक घटना ने अब नया कानूनी मोड़ ले लिया है। न्यायालय ने मामले में हत्या के प्रयास और अपहरण सहित गंभीर धाराओं में क्रॉस केस दर्ज किए जाने का आदेश दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 मार्च 2026 की शाम लगभग 7:45 बजे खेतों में नुकसान को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि अब्दुल जब्बार, अब्दुल गफ्फार, अकबर अली, अंसार अली, मोहम्मद यूसुफ उर्फ बावली, मोहम्मद मुस्तकीम, मोहम्मद दानिश, मोहम्मद सोहेल, मोहम्मद वसीम, नईम व वकील अहमद सहित कई नामजद लोग अपने 15–16 अज्ञात साथियों के साथ लाठी-डंडा, लोहे की रॉड, सरिया और तमंचा लेकर शहादत अली के घर पहुंच गए। आरोप है कि सभी ने एकराय होकर शहादत अली को गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।

शहादत को बचाने पहुंचे पड़ोसी लाल मियां को भी हमलावरों ने निशाना बनाया। जान बचाने के लिए लाल मियां घर के अंदर भागे, जहां उन पर फायरिंग भी की गई, जो निशाने से चूक गई। बताया गया कि इसके बाद हमलावरों ने लाल मियां और शहादत अली को घर से बाहर खींच लिया और लोहे की रॉड व सरिया से कई प्राणघातक वार किए। इस दौरान लाल मियां की पत्नी साजदुन बीवी जब उन्हें बचाने पहुंचीं तो उनके साथ भी मारपीट की गई। गंभीर आरोप है कि हमलावर लाल मियां को मारने की नीयत से उन्हें जबरन उठाकर गांव के प्रधान के दरवाजे तक ले गए, जिसे अपहरण की घटना बताया गया है। साजदुन बीवी के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और संघर्ष के बाद लाल मियां को छुड़ाया गया। इस दौरान हमलावरों ने हवाई फायरिंग भी की, जिससे गांव में दहशत और भगदड़ का माहौल बन गया।

घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने पीड़ित पक्ष की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। उल्टे 19 मार्च 2026 को लाल मियां, शहादत अली और अन्य के खिलाफ ही प्राथमिकी दर्ज कर दी गई और शांति भंग की कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इतना ही नहीं, बाद में कथित रूप से मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर धाराएं बढ़ा दी गईं, जिससे जमानत मिलने के बावजूद भी पीड़ित पक्ष के लोग जिला कारागार फतेहपुर में निरुद्ध रहे। इस पूरे मामले को लेकर साजदुन बीवी ने अपने वरिष्ठ अधिवक्ता जावेद खान के माध्यम से न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

विद्वान अधिवक्ता जावेद खान ने न्यायालय के समक्ष यह तर्क रखा कि घटना के वास्तविक तथ्यों की अनदेखी करते हुए एकतरफा कार्रवाई की गई है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए संबंधित प्रकरण में हत्या के प्रयास एवं अपहरण जैसी गंभीर धाराओं में क्रॉस एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। घटना के बाद से गांव में तनाव बना हुआ है। न्यायालय के आदेश के बाद अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। हालांकि इस बाबत वरिष्ठ अधिवक्ता जावेद खान ने बताया कि एफआईआर किए जाने के आदेश के बाद भी मुकदमा दर्ज न होने पर न्यायालय में रिमाइंडर प्रस्तुत किया गया जिसके अनुपालन में पैरोकार ने मुकदमा लिखे जाने की बात कही है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular