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वेतन समिति के समक्ष कर्मचारियों का पक्ष रखा l केंद्र सरकार की तर्ज पर न्यूनतम वेतन 24000 देने की मांग l लखनऊ 1 नवंबर,. राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश की तरफ से प्रदेश के कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों एवं भत्तों के संबंध में वेतन समिति के अध्यक्ष सुश्री वृंदा स्वरूप के साथ बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के मुख्य संयोजक जे एन तिवारी ने कर्मचारियों का पक्ष रखा l उन्होंने वेतन समिति के अध्यक्ष को अवगत कराया कि भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा न्यूनतम मजदूरी में संशोधन के आदेश जारी कर दिए गए हैं l

28 अगस्त 2017 को जारी भारत सरकार के राजपत्र में राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण संगठन द्वारा प्रकाशित उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षण के आंकड़ों के आधार पर श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने सरकारी ,अर्ध सरकारी, होटल या किसी भी अन्य संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को न्यूनतम मजदूरी 24000 देने के आदेश कर दिए हैंl वर्तमान में प्रदेश सरकार में कार्यरत राज्य कर्मियों को न्यूनतम स्तर पर 18000 रुपए का वेतन मिल रहा है l तिवारी ने कहा है कि क्योंकि अब भारत सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी का आदेश कर दिया है अतः यह व्यवस्था प्रदेश के कर्मचारियों पर भी लागू होनी चाहिए l उन्होंने अवगत कराया कि प्रदेश के कर्मचारियों को वेतन निर्धारण के लिए जो फिटमेंट फार्मूला दिया गया है वह तकनीकी दृष्टिकोण से दोषपूर्ण है , उसमें निचले स्तर पर अर्थात वेतन बैंड वन में 5200 का वेतन एवं 1800 का ग्रेड वेतन पाने वाले कर्मचारी का गुणांक फेक्टर 2.57 मानते हुए नए वेतनमान में 18000 रुपए की वेतन मैट्रिक्स का निर्धारण किया गया है, (5200+1800=7000*2.57=17990 अथवा पूर्ण अंकित फिगर 18000 ),जबकि उसी वेतन बैंड के 2800 ग्रेड पे में कार्य करने वाले कर्मचारी के लिए5200+2800=8000*3.65= 29200 का नया वेतन मैट्रिक्स दिया गया है ,जो कि 3.65 के गुणांक को आधार मानकर निर्धारित किया गया है l इसी प्रकार की विसंगति वेतन बैंड 2 के मूल वेतन 9300- 34800 में अनुमन्य ग्रेड वेतन 4200,4600, 4800 के लिए है l. . संयुक्त परिषद ने अपने प्रत्यावेदन में सभी वेतन बैंड में समान रुप से 3 . 65 का गुणांक फैक्टर लागू करने की मांग किया है l नए वेतन मैट्रिक्स में 1900, 2000 एवं 2400 ग्रेड पे को आपस में मर्ज कर, 28,000 का वेतन देने, 2800 ग्रेड पे में कार्यरत सभी तकनीकी कर्मचारियों को समान रुप से 4200 का ग्रेड वेतन स्वीकृत करते हुए 48500 का वेतन निर्धारित करने की मांग संयुक्त परिषद के प्रत्यावेदन में की गई है l संयुक्त परिषद ने कर्मचारियों के सर्विस के दौरान प्रशिक्षण व्यवस्था पर जोर दिया है l प्रत्यावेदन में यह बिंदु उठाते हुए कहा गया है कि भर्ती के स्तर पर, सेवा के मध्य भाग में कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाना चाहिए l कर्मचारियों को नई तकनीक से अवगत कराने के लिए समय-समय पर वर्कशॉप, सेमिनार एवं कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने का अवसर मिलना चाहिए l कर्मचारियों को मिल रहे बोनस के संबंध में प्रत्यावेदन में चर्चा करते हुए यह मांग की गई है कि बोनस की गणना में मूल वेतन की अधिकतम सीमा हटा दिया जाए एवं वेतन बैंड 2 तक के सभी कर्मचारियों को बोनस की सुविधा प्रदान की जाए l निगमों एवं सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों को राज्य कर्मचारियों के समान वेतन भत्ते उसी दिनांक से दिए जाएं जिस जिस दिनांक से राज्य कर्मियों को यह सुविधा मिल रही है l सभी कर्मचारियों के लिए अधिवर्षता आयु 62 वर्ष की जानी चाहिए l प्रत्यावेदन में यह भी कहा गया है कि न्यूनतम पेंशन का निर्धारण न्यूनतम मजदूरी के बराबर तथा कम से कम 24000 किया जाना चाहिए l पारिवारिक पेंशन में बढ़ोतरी के वर्तमान नियमों में संशोधन करते हुए 70- 80 वर्ष की आयु के पेंशनर्स के लिए मूल पेंशन में 20% ,80-85 वर्ष के पेंशनर के लिए मूल पेंशन में 30% ,85-90 वर्ष के पेंशनर्स के लिए मूल वेतन में 40%, 90-95 वर्ष के पेंशनर के लिए मूल वेतन में 50% एवं 100वर्ष से अधिक उम्र वाले जीवित पेंशनर्स के लिए मूल पेंशन में 100% की बढ़ोतरी की जानी चाहिए l मृत्यु के समय मिलने वाली ग्रेच्युटी में भी परिवर्तन की मांग राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने अपने प्रत्यावेदन में किया है l यदि किसी कर्मचारी की मृत्यु सेवा शुरू करने के 1 साल के अंदर हो जाती है तो उसे प्रतिमाह मिलने वाले वेतन की दुगुनी धनराशि ग्रेच्युटी के रूप में दी जानी चाहिएl 1- 5 वर्ष तक सेवा करने वाले कर्मचारियों को प्रतिमाह मिलने वाले वेतन का 6 गुना ,5_10 वर्ष सेवा करने वाले कर्मचारियों को 12 गुना किया 10- 20 वर्ष सेवा करने वाले कर्मचारियों को 20 गुना एवं 20 वर्ष से अधिक सेवा करने वाले कर्मचारियों को 33 महीने के मासिक वेतन के बराबर ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाना चाहिए l. मुख्य रूप से न्यूनतम वेतन 24,000 करने ,प्रत्येक वेतन बैंड में गुणांक फैक्टर 3.65 करने, ग्रेड वेतन 1900, 2000 एवं 2400 को आपस में मर्ज करके नए वेतन मैट्रिक्स में 28000 का वेतन निर्धारित करने ,तकनीकी, डिप्लोमा धारक कर्मचारियों के लिए 2800 ग्रेड वेतन के स्थान पर 4200 ग्रेड वेतन अनुमन्य कराते हुए नए वेतन मैट्रिक्स में 48500 वेतन निर्धारित करने, ग्रेड वेतन 4600 एवं 4800 को मर्ज करके नए वेतन मैट्रिक्स में 51000 का वेतन निर्धारित करने, केंद्रीय कर्मचारियों की भांति समस्त भत्ते देने, बोनस के लिए अधिकतम सीमा हटाने एवं वेतन बैंड 2 में 5400 तक ग्रेड वेतन पाने वाले सभी कर्मचारियों को बोनस प्रदान करने, आउटसोर्सिंग प्रथा बंद करने, संविदा कर्मियों के लिए समान रूप से नीति बनाकर उनका समायोजन किए जाने, कर्मचारियों के लिए समय समय पर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाने ,समिति की संस्तुतियां राज्य कर्मचारियों के साथ ही स्वायत्तशासी निकायों ,शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ,स्थानीय निकायों, सार्वजनिक उपक्रमों एवं निगमों के कर्मचारियों पर भी लागू करने तथा उनको राज्य कर्मियों की / भांति वेतन एवं भत्तों की सुविधा देने की मांग अपने प्रत्यावेदन में किया हैl

समिति की अध्यक्ष सुश्री वृंदा स्वरूप जी ने संयुक्त परिषद द्वारा प्रस्तुत प्रत्यावेदन की सराहना करते हुए सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया संयुक्त परिषद के प्रतिनिधिमंडल में मुख्य संयोजक जे एन तिवारी के अलावा संयुक्त परिषद के अध्यक्ष निरंजन कुमार श्रीवास्तव, महामंत्री श्रीमती शशि सिंह, उपाध्यक्ष महेंद्र पांडे ,आर के यादव ,रजनीश श्रीवास्तव हरगोविंद यादव आदि सम्मिलित थे सम्मिलित थे l.
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