Sunday, March 8, 2026
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HomeMarqueeकड़ाके की ठंड में गरीबों का सुरक्षा कवच बना योगी मॉडल

कड़ाके की ठंड में गरीबों का सुरक्षा कवच बना योगी मॉडल

जिला प्रशसन द्वारा जिले में बनाए गए 20 रैन बसेरे

जिले में 319 स्थानों पर जलाए जा रहे हैं अलाव

अबतक 15 सौ से अधिक गरीबों को कंबल का वितरण

मजिस्ट्रेट और पुलिस की टीमें रात को करती हैं जिले में गश्त

घने कोहरे के बीच सुबह अपने कार्यों को निकले लोग।

मुरादाबाद। जिले में मंगलवार को कोहरे की चादर खिंचने के साथ शीतलहर चलने से सर्दी बढ़ गई है। हालत यह रही कि दोपहर पर कोहरा व धुंध छायी रहने से जनजीवन प्रभावित हुआ। प्रशासन ने ठंड के बचाव के लिए जरूरी कदम उठाते हुए सर्दी से बचने की सलाह भी दी है। सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक जिलाधिकारी अनुज सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री सतपाल अंतिल के नेतृत्व में जिले को शीतलहर के प्रभाव से बचाने के लिए एक सुव्यवस्थित कार्ययोजना लागू की गई है। जिले में कुल 20 रैन बसेरों का संचालन किया जा रहा है जिनमें 12 स्थाई और 8 अस्थाई रैन बसेरे शामिल हैं। इन केंद्रों पर लगभग 290 लोगों के ठहरने की उत्तम व्यवस्था है।

स्थाई रैन बसेरों में स्वच्छ पेयजल, गर्म बिस्तर, साफ-सफाई और महिलाओं व पुरुषों के लिए पृथक कमरों व शौचालयों का इंतजाम है। रेलवे स्टेशन स्थित रैन बसेरे में 35 और कुंदनपुर में 50 लोग इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। जिला आपदा विशेषज्ञ प्रदीप सिंह के अनुसार, जिला प्रशासन द्वारा अब तक कुल 9015 कंबलों का वितरण किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त सीएसआर के माध्यम से जरूरतमंदों, बच्चों और गौशाला के केयरटेकर्स को छह हजार कबल अलग से बांटे गए हैं। जिले की चारों तहसीलों में 116 चिह्नित स्थानों पर नियमित रूप से अलाव जलाए जा रहे हैं ताकि सड़कों पर रहने वाले और राहगीरों को राहत मिल सके। ठंड से होने वाली किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस की टीमें गठित की गई हैं।

टीमें रात में भ्रमण कर खुले में सो रहे लोगों को रैन बसेरों में जाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। जिलाधिकारी अनुज सिंह ने सख्त हिदायत दी है कि शीतलहर के कारण लापरवाही से होने वाली किसी भी दुर्घटना पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों में 24 घंटे डॉक्टर और दवाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा यातायात विभाग को कोहरे में दुर्घटनाएं रोकने हेतु वाहनों पर रिफ्लेक्टर और सड़कों पर ‘कैट्स-आई’ लगवाना अनिवार्य किया है। उन्होंने पशुपालन विभाग को बेसहारा पशुओं और गौशालाओं में ठंड से बचाव के विशेष इंतजाम करने को कहा है। जिलाधिकारी ने कहा है कि उनका प्रयास है कि भीषण ठंड में किसी भी असहाय व्यक्ति को असुविधा न हो और हर जरूरतमंद को सरकारी सुरक्षा कवच प्राप्त हो सके।

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