Tuesday, April 14, 2026
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योगी जी! यहाँ पर तो बिना कागज क चल रहे ईंट भठ्ठा, नही सुनते अधिकारी

फतेहपुर क्षेत्र मे धड़ल्ले से चल रहे अवैध इजहार ब्रिक फिंल्ड, नही हो रही कार्यवाही

बाराबंकी। जनपद मे धड़ल्ले से चल रहे अवैध रूप से ईंट भठ्ठे शिकायत करने पर भी अधिकारी नही करते कार्यवाही जिससे ईंट भठ्ठा मालिको के हौसले बुलंद और सरकारी धन का हो रहा नुकसान। शिकायत करने पर तहसील प्रशासन ने भी स्वीकार किया है की बिना कागज के चल रहे है ईंट भठ्ठे पर कार्यवाही करने से डरते है। जबकि एक दैनिक अख़बार मे खबर प्रकाशित हो चुकी है। मामला तहसील फतेहपुर के ग्राम भटवामऊ का है जहाँ पर हवा में जहर घोलने वाले के प्रति नतमस्तक है प्रदेश सरकार के अधिकारी और कर्मचारी क्योंकि सभी नियमों को ताक पर रख कर भठ्ठा संचालित किया जा रहा है जहाँ प्रदेश सरकार प्रदूषण की रोक के लिए तमाम प्रयास कर रही है।

लेकिन भट्ठा संचालक नियमों को ताक पर रख कर हवा में जहर घोलने का काम कर रहे हैं। या फिर यह कहा जाए कि किसके पास पैसा और पावर है उसके लिए नियम कानून कोई मायने नहीं रखता जिसका जीता जाता है उदाहरण बाराबंकी जनपद के तहसील फतेहपुर क्षेत्र में देखने को मिल रहा जहाँ संचालित इजहार ब्रिक फील्ड बिना प्रदूषण रायल्टी जमा किए ही संचालित किया जा रहा हैं। फतेहपुर तहसील क्षेत्र के बेलहरा में सरेआम बिना प्रदूषण लाइसेंस के संचालित हो रहे ईंट भट्ठों पर जिला प्रशासन व पुलिस का जरा भी ध्यान नहीं है। ईंट भट्ठा संचालक सरेआम पर्यावरण प्रदूषण को रोकने संबंधी आदेशों की खुले आम धज्जियाँ उड़ा रहे हैं।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार भट्ठा चलाने का समय फरवरी से शुरू होता है तथा बिना रायल्टी जमा किए मिट्टी का खनन भी नहीं होता है। परंतु खनन अधिकारियों व पुलिस की साठगांठ से अवैध खनन का धंधा भी जोरों से फल-फूल रहा है।और भट्ठों की चिमनियां जो हवा में जहर भी घोल रही हैं।सूत्रों ने बताया कि एक व्यक्ति द्वारा इस भढ्दे के खिलाफ उत्तर प्रदेश पॉल्यूशन विभाग में शिकायत भी की जा चुकी है लेकिन ऊंची पहुंच और रसूखदार होने के कारण पॉल्यूशन विभाग भी अपनी आंखें बंद कर लिया भट्ठों पर ईट पकाने का कार्य शुरू हो गया है और भट्ठों में कोयला की जगह प्लास्टिक पेंट का ई-कचरा तथा यूकेलिप्टस के पत्ते की कुट्टी जलाई जा रही है।

जिससे जहरीला धुआ निकल रहा है।सवाल यह उठता है कि किसान अपने खेतों में जब धान की पराली या फसल के बचे अवशेष कूड़ा करकट को जलाता है तो उस पर सेटेलाइट के माध्यम से कार्रवाई होती है लेकिन इन ईट भट्ठों के प्रदूषण को सेटेलाइट क्यो नहीं कबर कर रहा है। जिसमें लाइसेंस भी नहीं हैं मामले से संबंधित जब तहसीलदार फतेहपुर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि शिकायत मिलेगी तो टीम बनाकर जांच कराकर कार्यवाही की जाएगी ।

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