अनजाने में की गई ये गलतियां बिगाड़ देती हैं महिलाओं का हार्मोनल बैलेंस, आज ही करें सुधार

0
11450

महिलाओं को उम्र के विभिन्न पड़ावों पर हार्मोनल बदलावों से गुजरना पड़ता है, लेकिन कई बार अनजाने में अपनाई गई आदतें उनके हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ देती हैं।

महिलाओं को उम्र के कई पड़ावों पर हार्मोनल बदलाव से गुजरना होता है, जो उनकी पूरी सेहत, एनर्जी और मूड को प्रभावित करता है। हालांकि, कई बार महिलाएं अनजाने में कुछ ऐसी आदतें अपना लेती हैं, जो चुपके-चुपके उनके हार्मोनल बैलेंस को बिगाड़ता है।

इन छोटी-छोटी आदतों का शरीर पर काफी गहरा असर पड़ता है। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि इन आदतों में सुधार करके हार्मोनल बैलेंस में सुधार किया जा सकता है। आइए जानें क्या हैं ये आदतें।

हार्मोनल बैलेंस प्रभावित करती हैं ये आदतें

  • बिगड़ा हुआ स्लीप पैटर्न- आजकल देर रात तक मोबाइल चलाना आम हो गया है, लेकिन यह आदत स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल को बढ़ाकर एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे प्रमुख हार्मोन्स को असंतुलित कर देती है। हर दिन 7-8 घंटे की गहरी नींद हार्मोन्स को सही रखने के लिए जरूरी है।
  • बहुत ज्यादा स्ट्रेस लेकर चलना- महिलाएं अक्सर परिवार, काम और जिम्मेदारियों में खुद को भूल जाती हैं। लगातार स्ट्रेस हार्मोनल फंक्शन को सबसे पहले प्रभावित करता है और थायरॉइड, पीसीओडी, अनियमित पीरियड्स जैसी समस्याओं को बढ़ावा देता है।
  • ज्यादा चीनी और प्रोसेस्ड फूड खाना- पैकेट फूड, मीठे ड्रिंक्स, बेकरी आइटम और फ्राई स्नैक्स इंसुलिन बढ़ाते हैं, जिससे शरीर में सूजन और हार्मोनल डिस्टर्बेंस होता है। हाई शुगर डाइट पीसीओएस और वजन बढ़ने का बड़ा कारण बनती है। इनकी जगह घर का खाना, फ्रूट्स, सलाद और हेल्दी फैट्स को प्राथमिकता दें।
  • खाने में पोषक तत्वों की कमी- कई महिलाएं कैल्शियम, आयरन, विटामिन-डी, बी12, ओमेगा-3 और मैग्नीशियम की कमी का शिकार होती हैं। ये सभी हार्मोन्स को बैलेंस रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए रोजाना दाल, हरी सब्जियां, दही, फल, नट्स, बीज और सही मात्रा में प्रोटीन लेना जरूरी है।
  • पानी कम पीना- डिहाइड्रेशन शरीर की मेटाबॉलिक और हार्मोनल एक्टिवीज को सीधे प्रभावित करता है। कम पानी पीने से शरीर में टॉक्सिन्स जमा होते हैं और स्किन, पीरियड्स, मूड स्विंग्स से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं। इसलिए दिनभर में कम से कम 7-8 गिलास पानी जरूर पिएं।
  • फिजिकल एक्टिविटी की कमी- लंबे समय तक बैठकर काम करने से हार्मोन इंसुलिन, थायरॉइड और मेटाबालिज्म कमजोर हो जाते हैं। रोज 30 मिनट तेज चलना, योग या हल्का वर्कआउट हार्मोनल बैलेंस को बहुत अच्छी तरह सुधारता है।
  • अनियमित खाने की आदतें- खाना छोड़ना, देर से खाना, या बार-बार जंक फूड खाना शुगर लेवल और हार्मोनल बैलेंस को बिगाड़ देता है।
  • सेहत पर ध्यान न देना- अक्सर महिलाएं अपनी हेल्थ को प्राथमिकता नहीं देतीं। शरीर की जरूरतों को नजरअंदाज करना, समय पर जांच न करवाना या लक्षणों को हल्के में लेना हार्मोनल समस्याओं को बढ़ाता है।
Also read

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here