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दस बीघा खेत में लगी गेहूं की फसल में पानी भर जाने से हुई जलमग्न, सिंचाई विभाग की लापरवाही, पूर्व प्रधान पर मनमानी का आरोप

पीड़ित किसानों ने अब प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार, हुई फसल नुकसान का उच्चाधिकारियों से मुआवजा दिलाए जाने की उठाई मांग

महोबा। विकासखंड कबरई के बरीपुरा मौजा में पूर्व प्रधान की मनमानी के चलते लगभग एक दर्जन किसानों की दस बीघा खेत में लगी गेहूं की फसल में पानी भर जाने से जलमग्न हो गई है। खेत में पानी भर जाने से किसानों को भारी क्षति उठानी पड़ रही है। किसानों ने उच्चाधिकारियों से फसल नुकसान का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।

किसानों का आरोप है कि पूर्व ग्राम प्रधान हरिचरन ने कथित तौर पर अपने निजी स्वार्थ के लिए थाना माइनर बरीपुरा नहर के पानी को क्षमता से अधिक खोल दिया। इस मनमानी के कारण नहर का पानी तेजी से खेतों में भर गया, जिससे खेत तालाब में बदल गए। कई स्थानों पर पानी का स्तर चार फीट तक पहुंच गया है, जिससे गेहूं की खड़ी फसल पूरी तरह डूब कर बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। पीड़ित किसानों ने खेतों में पानी भरने की सूचना तत्काल सिंचाई विभाग के अधिकारियों करे देकर पानी रोकने या कम करने की गुहार लगाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की।

ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों की इस उदासीनता और पूर्व प्रधान की कथित मनमानी के कारण आशाराम, मनसुख, सुमेरा, लखनलाल, केसरदास और राधारानी सहित कई अन्य किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। किसान अब अपनी डूबी हुई फसल को देखकर निराश हैं, क्योंकि यह फसल उनके घर चलाने और कर्ज चुकाने का एकमात्र सहारा थी। पीड़ित किसानों ने अब प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि लापरवाह अधिकारियों और पूर्व प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उन्हें फसल के नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए।

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