संभल अवधनामा संवाददाता शायर नाजिम हुसैन नाजिम संभली की 26 वीं बरसी पर नूरियो सराय स्थित इमाम बारगाह इमाम अली रजा़ अलैहिस्सलाम में मजलिस का आयोजन हुआ जिसमें शायरों ने नाजिम हुसैन नाजिम संभली को याद किया मजलिस की शुरुआत शमाईरजा ने मर्सिया ख्वानी करके की शाहिद हुसैन ने कर्बला के शहीदों का जिक्र किया। इन्होंने कहा कि इमाम हुसैन ने जुल्म के आगे सर को झुकाने से बेहतर सर को कटा देना मंजूर किया। मजलिस में शाह आलम ने नोहा ख्वानी की।
मजलिस के आखिर में शायर नाजिम संभली को याद करते हुए उनकी मार्फत के लिए दुआ मांगी गयी नाजिम संभली ने अमरोहा में रहकर अमरोहा के मशहूर शायरो की सरपरस्ती में शायरी के जौहर दिखाए थे अमरोहा के वरिष्ठ शायर मरहूम गंमगीन अमरोही ने नाजिम संभली साहब के इंतकाल के बाद कहा था नाजिम जो गये जशने ईदे गदीर से यकजकता जा मिले वो जनाबे अमीर से सन 2000 में अमरोहा में नाजिम संभली साहब ने जशने ईदे गदीर की महफ़िल में कलाम पेश किए थे और ये ही उनकी आखिरी महफिल थी।l. मजलिस में शायर पैकर संभली इशरत अब्बास नैय्यर अब्बास अली सादिक हसनं जहीर सलीम मेहंदी साजिद हुसैन मौलाना जव्वाद साहब मौहम्मद तंकी हैदर मेहंदी हुसैन जहीर आदि मौजूद रहे। उरूज संभली





