अलीगढ़ । थाना बरला पर तैनात उ0नि0 सत्यम सिंह को शराब पीना भारी पड़ गया। प्राप्त जानकारी अनुसार शराब पीकर जनता से दुर्व्यवहार करने की शिकायत उच्चाधिकारियों मिली। इसको गंभीरता से लेते हुए उ0नि0 सत्यम सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया। पुलिस कप्तान नीरज जादौन का निर्देश है कि जनता के साथ पूर्ण मनयोग से जनहित में जनता के साथ सलीनता से व्यवहार करे। और पुलिस कर्मीयों को आगाह किया कि ऐसी शिकायत मिलने पर बिना देरी सख्त कार्यवाही होगी।
सभी एफआरयू केंद्रों पर 19,624 सामान्य प्रसव और 799 सीजेरियन प्रसव कराए गए
अलीगढ़। जिले में संचालित प्रथम संदर्भन इकाइयों के बारें में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 नीरज त्यागी ने बताया है कि जिले में अकराबाद, अतरौली, छर्रा, गभाना, इगलास, जवां और खैर में कुल सात एफआरयू केंद्र संचालित हैं, जहां मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि अकराबाद, जवां और खैर एफआरयू पर संविदा स्त्री रोग विशेषज्ञ, जबकि अतरौली और इगलास एफआरयू पर नियमित स्त्री रोग विशेषज्ञों द्वारा सामान्य एवं सीजेरियन प्रसव की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
इससे ग्रामीण व अर्धशहरी क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को अपने ही क्षेत्र में सुरक्षित प्रसव का लाभ मिल रहा है। सीएमओ ने यह भी बताया कि महिला रोग विशेषज्ञ एवं निश्चेतक चिकित्सकों की कमी के कारण एफआरयू छर्रा और गभाना में फिलहाल नियमित रूप से सीजेरियन प्रसव संभव नहीं हो पा रहे हैं, हालांकि इन केंद्रों पर सामान्य प्रसव की सेवाएं लगातार संचालित हैं। इस कमी को दूर करने के लिए प्रशासनिक एवं जनहित में रोस्टर प्रणाली के तहत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों से महिला रोग विशेषज्ञों की ड्यूूटी निर्धारित कर सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में पं0 दीन दयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय एवं मोहनलाल गौतम राजकीय महिला चिकित्सालय में कार्यरत विशेषज्ञ चिकित्सकों को सप्ताह में दो दिन एफआरयू गभाना, इगलास और छर्रा में ओपीडी एवं सर्जरी के लिए तैनात किए जाने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं, जिससे विशेषज्ञ सेवाओं का दायरा और बढ़ेगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 त्यागी ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले के सभी एफआरयू केंद्रों पर कुल 19,624 सामान्य प्रसव और 799 सीजेरियन प्रसव कराए गए हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि सीमित संसाधनों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग द्वारा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी प्रतिबद्धता के साथ संचालित किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में रिक्त नियमित पदों पर चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों की तैनाती के लिए शासन एवं महानिदेशालय स्तर पर लगातार पत्राचार किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि जनहित में सामने आई कमियों को गंभीरता से लेते हुए व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार किया जा रहा है और आने वाले समय में एफआरयू केंद्रों पर विशेषज्ञ सेवाओं की उपलब्धता और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा।





