Tuesday, May 26, 2026
spot_img
HomeMarqueeबिलग्राम में सजी अदब और साहित्य की महफिल, मुशायरा एवं कवि सम्मेलन...

बिलग्राम में सजी अदब और साहित्य की महफिल, मुशायरा एवं कवि सम्मेलन में देर रात तक गूंजे शेरो-शायरी के रंग

बिलग्राम कस्बे के गांधी मैरिज हॉल में हरदोई पत्रकार एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित मुशायरा एवं कवि सम्मेलन साहित्यिक सौहार्द और सांस्कृतिक चेतना का शानदार उदाहरण बन गया। देर रात तक चले इस भव्य आयोजन में क्षेत्र सहित आसपास के जनपदों से पहुंचे शायरों और कवियों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में अदब, शायरी और कविता का ऐसा समागम देखने को मिला, जिसने उपस्थित साहित्य प्रेमियों को देर रात तक बांधे रखा।

मुशायरे में हुजूर बिलग्रामी, शादाब गुहर, एजाज रियाज़ बरहक, ऐजाज रहबर, नईम शाद, शाहनवाज अकरम, फखरुद्दीन नश्तर मल्लावांवी, असगर बिलग्रामी, कमर बिलग्रामी, इमरान बिलग्रामी, दिव निशेष बिलग्रामी, अंचल द्विवेदी, जय नारायण अवस्थी तथा हाफिज मज़हर बिलग्रामी समेत अनेक साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज, देशभक्ति, इंसानियत, भाईचारे और वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए। कवियों और शायरों की रचनाओं पर श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ कवि राम नारायण शुक्ला ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि, “लड़खड़ाती हुई राजनीति को संभालना साहित्यकारों का मुख्य कार्य है। साहित्य समाज को दिशा देने का माध्यम है और कवि अपनी लेखनी से जनमानस को जागरूक करने का कार्य करते हैं।” उनके इस विचारपूर्ण वक्तव्य का उपस्थित लोगों ने जोरदार तालियों से स्वागत किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. कपिल देव त्रिपाठी ने की जबकि सफल संचालन असगर बिलग्रामी ने किया। आयोजन में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। प्रमुख रूप से एडवोकेट सुरेश चन्द्र तिवारी, डॉ. रसूल बिलग्रामी, गणेश नारायण कपूर, वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप यादव, सय्यद अनवर, एडवोकेट मन्नान, धर्मेंद्र यादव, अजयराज त्रिवेदी, सैफ अली जाफरी, नफीस अहमद फारूक़ क़ुरैशी, अतुल द्विवेदी, सुधीर अवस्थी, सहित एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डाक्टर कपिल देव त्रिपाठी ने अपने संदेश में कहा कि हरदोई पत्रकार एसोसिएशन संस्था का उद्देश्य साहित्य, संस्कृति और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। उन्होंने एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संवाद और रचनात्मक सोच को मजबूत करते हैं तथा नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने बिलग्राम की धरती को साहित्य से जुड़ी धरती बताया और कहा कि इस धरती पर रसलीन, मधनायक जैसे महान कवियों ने जन्म लिया है।

देर रात तक चले इस कार्यक्रम में श्रोताओं ने कवियों और शायरों की प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया। आयोजन ने क्षेत्र के साहित्यिक और सांस्कृतिक वातावरण को नई ऊर्जा प्रदान की तथा अदबी माहौल को और अधिक मजबूती दी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular