नीट यूजी 2026 की परीक्षा को रद कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक लीक हुए पेपर को माफिआओं द्वारा 10 से 25 लाख में बेचा गया था।
नीट यूजी पेपर लीक मामले में राजस्थान एसओजी ने जांच के बाद 45 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके बाद इस केस को सीबीआई को सौंप दिया गया है। मंगलवार को ही सीबीआई ने प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। सीबीआई की एक टीम मंगलवार देर रात जयपुर स्थित एसओजी मुख्यालय पहुंची और पुलिस द्वारा पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ की।
सीबीआई ने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी और सबूत नष्ट करने के आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत भी मामले दर्ज किए गए हैं।
कई राज्यों में फैला था नेटवर्क
राजस्थान एसओजी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रश्नपत्र लीक माफिया ने लीक हुए प्रश्नपत्र को अनुमानित बताकर बेचा था। इस प्रश्नपत्र में 3 मई को हुई परीक्षा के सभी जीव विज्ञान के सभी 90 और 45 रसायन विज्ञान के प्रश्न समान थे। एसओजी के एक वरिष्ठ अधिकारी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक माफिया द्वारा एक 400 प्रश्नों के गेस पेपर के जरिये पेपर लीक किया गया। यह माफिया नेटवर्क राजस्थान और हरियाणा से लेकर महाराष्ट्र, उत्तराखंड और केरल तक फैला हुआ था। एसओजी द्वारा जांच में पता चला है कि प्रश्न पत्र 10 से 25 लाख रुपये तक में बेचा गया था।
संदिग्ध मेडिकल तीसरे वर्ष का छात्र
प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस केस का संदिग्ध मध्य प्रदेश के सीहोर में आयुर्वेद मेडिसिन एन्ड सर्जरी स्नातक के तीसरे वर्ष का छात्र था और नासिक में पार्ट टाइम करियर काउंसलर के रूप में काम करता था। पुलिस हिरासत में लिए जाने से पहले वह छुट्टी का बहाना बनाकर देश छोड़ने का प्लान बना रहा था।
22.79 लाख स्टूडेंट्स को अब दोबारा देना होगा एग्जाम
देशभर में आयोजित हुई परीक्षा में 22.79 लाख स्टूडेंट्स ने भाग लिया था। अब इन सभी स्टूडेंट्स को दोबारा एग्जाम देना होगा। ऐसे में छात्र अपनी परीक्षा तैयारियों को पुनः स्टार्ट कर दें।





