लंबे समय से लंबित मामलों के निस्तारण का बड़ा अवसर 9 मई को मिलने जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में इस दिन राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन दीवानी न्यायालय परिसर और कलेक्ट्रेट में किया जाएगा, जहां आपसी सहमति से विभिन्न वादों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा।
लोक अदालत में आपराधिक प्रकरण, एनआई एक्ट की धारा 138, बैंक रिकवरी, मोटर दुर्घटना प्रतिकर, बिजली-पानी व टेलीफोन बिल, वैवाहिक विवाद, राजस्व तथा सिविल वादों को प्राथमिकता से निपटाया जाएगा। प्राधिकरण ने अधिक से अधिक वादकारियों से इस अवसर का लाभ उठाकर अपने मामलों का शीघ्र समाधान कराने की अपील की है।
इसी क्रम में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं सिविल जज सीडी अभिनव तिवारी ने जिला कारागार का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाकशाला, अस्पताल, पुरुष, महिला और बाल बैरकों का निरीक्षण किया तथा दोषसिद्ध बंदियों के लिए विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया।
शिविर में बंदियों को उनके संवैधानिक और विधिक अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी गई और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। बंदियों की समस्याएं सुनते हुए उन्हें बताया गया कि उच्च न्यायालय में अपील अथवा अन्य कानूनी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
कारागार प्रशासन को निर्देशित किया गया कि ऐसे मामलों की सूची तैयार कर प्राधिकरण को भेजी जाए, जिनका निस्तारण ई-जेल लोक अदालत या जेल लोक अदालत के माध्यम से संभव है, जिससे बंदियों को शीघ्र न्याय मिल सके। साथ ही जिन बंदियों की जमानत याचिकाएं स्वीकृत हो चुकी हैं, उन्हें आवश्यक विधिक सहायता उपलब्ध कराई गई।





