Thursday, May 14, 2026
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HomeMarqueeयू-डायस प्लस के तहत विद्यालयों, कॉलेजों के डाटा फीडिंग हेतु बैठक सम्पन्न

यू-डायस प्लस के तहत विद्यालयों, कॉलेजों के डाटा फीडिंग हेतु बैठक सम्पन्न

 

अवधनामा संवाददाता

वेबसाइट पर स्पष्ट एवं सही सूचनाएं अपलोड करने के निर्देश

ललितपुर। जिलाधिकारी आलोक सिंह की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में शैक्षणिक सत्र 2021-22 हेतु यू-डायस प्लस के अंतर्गत डाटा कैप्चर वेबसाइट पर विद्यालयों की आधारभूत सुविधाएं पूरित कराये जाने हेतु प्रधानाचार्यों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान विद्यालयों/कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को बताया गया कि प्रतिवर्ष यू-डायस फार्म भरा जाता है, कई विद्यालय इस फार्म पर सूचनाओं को भरने में ऋुटियां करते हैं, जिनके संशोधन में काफी परेशानी आती है और डाटा भी विगत वर्षों से मिसमैच हो जाता है। इन सभी स्थितियों से बचने के लिए आज यह प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया है। इसके उपरान्त पावर प्वाइंट प्रजेन्टेशन के माध्यम से प्रधानाचार्यों को वेबसाइट पर विद्यालयों का डाटा अपलोड करने सम्बंधी सैद्धान्तिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि वेबसाइट पर डाटा अपलोड करने के उपरान्त डाटा लॉक होने पर संशोधन कराने में राज्य स्तर से अनुमति ली जाती है, इसलिए सभी सूचनाएं सही एवं स्पष्ट भरी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि यू-डायस के तहत वेबसाइट पर विद्यालयों/कॉलेजों के भवन की स्थिति, विद्युत, पेयजल, शौचालय, पेयजल का स्रोत, पुस्तकालय/बुक बैंक, पुस्तकों की संख्या, खेल का मैदान, छात्रों के स्वास्थ्य परीक्षण की स्थिति, कम्प्यूटर एवं इलैक्ट्रोनिक उपकरणों की स्थिति, शिक्षकों एवं प्रशिक्षकों का विवरण आदि की स्पष्ट सूचनाएं अपलोड की जानी है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों का विवरण भरने सम्बंधी काफी समस्याएं सामने आती हैं, अत: शिक्षकों का विवरण भरतेे समय विशेष सावधानी से सूचनाएं भरें, जिससे ऋुटि न हो। इसके साथ ही विद्यालय में नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण, यूनिफार्म, मध्यान्ह भोजन आदि का विवरण भी अनिवार्य रुप से भरें। उन्होंने कहा कि नये बच्चों के छात्रांकन की सूचनाएं अभिभावकों के समक्ष भरवायें, ताकि कोई प्रवृष्टि गलत न हो। विद्यालयों में मरम्मत योग्य सुविधाएं यथा हैण्डपम्प व शौचालय की वास्तविक स्थिति ही वेबसाइट पर भरें, हां अथवा नहीं के साथ स्पष्ट कारण भी अंकित करें। प्रशिक्षण सत्र के दौरान यह भी बताया गया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा की दृष्टि से 25 वर्ष से अधिक समय वाले स्कूल/कॉलेजों के भवनों का स्ट्रक्चर ऑडिट अवश्य किया जाना चाहिए, जिन विद्यालयों के भवन काफी पुराने हैं वे सिविल इंजीनियरों की टीम के द्वारा स्ट्रक्चर ऑडिट करा लें। बैठक के अंत में निर्देश दिये गए कि सभी प्रधानाचार्य विद्यालयों, शिक्षकों एवं विद्याथियों से सम्बंधित सूचनाएं स्पष्ट रुप से भरवायें व रीचेक करने के उपरान्त ही डाटा लॉक किया जाए, इसके साथ ही 25 वर्ष से अधिक पुराने विद्यालय भवनों का स्ट्रक्चर ऑडिट भी करायें। प्रशिक्षण के दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक रामशंकर, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी दिलीप कुमार, प्रधानायार्य जवाहर नवोदय विद्यालय सहित बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, ए.बी.एस.ए. व अन्य सम्बंधित अधिकारी/कर्मचारी मौजूद रहे।

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