नगाराडांग के हनुमान द्वारी मंदिर में श्रीराम महायज्ञ और श्रीमद्भागवत कथा शुरू, उमड़े श्रद्धालु।
महोबा। विकासखंड जैतपुर के नगाराडांग गांव स्थित हनुमान द्वारी मंदिर श्रीराम महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत कथा वाचक उन्नति देवी श्रीमद्भागवत कथा का भक्तों को रसपान करा रही है। कथा के प्रथम दिन कथावाचक ने श्रद्धालुओं को भागवत कथा का महत्व बताया। भागवत कथा सुनने के लिए गांव के अलावा आसपास के ग्रामीण अंचलों से भी श्रद्धालु कथा सुनने के लिए पहुंचे और धार्मिक ज्ञान अर्जित किया।
कथा वाचिका ने कहा कि भागवत कथा का श्रवण मनुष्य के पापों का नाश कर उसे मोक्ष की ओर अग्रसर करता है। श्रद्धा और भक्ति के साथ कथा सुनने से जीवन का उद्धार होता है और मन को शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है। कथा के दौरान उन्होंने शास्त्रों में वर्णित भगवान के स्वरूपों की व्याख्या करते हुए कहा कि भगवान सच्चिदानंद स्वरूप हैं। कहा कि सत् का अर्थ सत्य है और ईश्वर ही परम सत्य हैं, जो कभी नहीं बदलता, जबकि असत्य परिस्थितियों के अनुसार बदल सकता है, लेकिन उसके प्रत्येक कर्म का लेखा जोखा चित्रगुप्त के पास सुरक्षित रहता है।
उन्होंने बताया कि चित् अर्थात चेतना और ‘आनंद’ भी भगवान के ही स्वरूप हैं। यदि मनुष्य अपने भीतर विद्यमान ईश्वर को पहचान ले तो उसे परम आनंद की अनुभूति होती है। कहा कि आत्मज्ञान की प्राप्ति जब मनुष्य अपने वास्तविक स्वरूप (आत्मा) को पहचान लेता है, तो उसे ज्ञात होता है कि वह स्वयं उसी परम शक्ति का अंश है और इस जागृति से अज्ञानता और अहंकार दूर हो जाते हैं।
गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं बताया है कि जब मन सांसारिक वासनाओं से मुक्त होकर भीतर ही स्थिर हो जाता है, तब मनुष्य वास्तविक सुख और परम आनंद को प्राप्त करता है। इस अवसर पर यज्ञाचार्य पंडित मथुरा प्रसाद शास्त्री, मुख्य यजमान अलका व वीरेंद्र खरे, कथा आयोजन समिति के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।





