खागा व फतेहपुर में कांग्रेसियों को हिरासत में लिया
फतेहपुर। खागा कोतवाली क्षेत्र के ईंट गांव में हुई कथित गैंगरेप की घटना को लेकर सियासी हलचल तेज होती जा रही है। पीड़िता के परिजनों से मिलने जा रहे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने प्रयागराज हाईवे पर रोककर हिरासत में ले लिया।
जानकारी के अनुसार कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने के लिए जा रहा था, लेकिन प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद सभी को पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर खागा कोतवाली ले जाया गया।
इस कार्रवाई पर कांग्रेस नेताओं ने कड़ी नाराजगी जताई। जिला अध्यक्ष महेश द्विवेदी ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि न्याय की मांग करना अपराध नहीं हो सकता और प्रशासन को निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं शहर अध्यक्ष आरिफ गुड्डा ने भी घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर माहौल चिंताजनक है और प्रशासन दबाव में काम करता नजर आ रहा है। इस प्रकरण में पुलिस का कहना है कि यह कदम एहतियातन उठाया गया, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न फैले। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि मामले में विधिसम्मत कार्रवाई जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
प्रतिनिधिमंडल में पार्टी प्रवक्ता ई. देवी प्रकाश दुबे, उपाध्यक्ष शेख एजाज अहमद, माधुरी रावत, पूर्व अध्यक्ष पप्पू पाल, मनोज घायल, आदित्य श्रीवास्तव, नजमी कमर, निजामुद्दीन, अजय बच्चा समेत कई नेता शामिल थे। वहीं खागा कोतवाली में कलीम उल्ला सिद्दीकी, प्रकाश पांडेय, आशू पांडेय, मो. कासिम, सलीम शेख, सूर्यप्रकाश सिंह सहित अन्य कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिले में राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है, जबकि पुलिस की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।





