प्राथमिक विद्यालय, पंचायत भवन व सरकारी संस्थानों को पहले जलापूर्ति
सड़क खुदाई के बाद मरम्मत अनिवार्य, हादसे पर एजेंसी होगी जिम्मेदार
कार्य में लापरवाही पर एजेंसियों को नोटिस, ब्लैकलिस्ट की चेतावनी
फतेहपुर। जनपद में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने जल निगम (ग्रामीण) द्वारा संचालित परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधिशाषी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) को निर्देशित किया कि जिन परियोजनाओं का कार्य 90 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जो एजेंसियां कार्य में लापरवाही बरत रही हैं, उन्हें नोटिस जारी करते हुए आवश्यक होने पर ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाए।
डीएम ने यह भी निर्देश दिए कि जहां-जहां पाइपलाइन या अन्य कार्यों के चलते सड़कें खोदी गई हैं, वहां कार्य पूर्ण होने के बाद सड़क को समुचित रूप से दुरुस्त किया जाए, ताकि कोई गड्ढा न रहे और दुर्घटनाओं की आशंका समाप्त हो। उन्होंने चेतावनी दी कि सड़क खुदाई के कारण यदि कोई हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की होगी। बैठक में भूमि संबंधी समस्याओं को लेकर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जहां भी जमीन से संबंधित दिक्कतें आ रही हैं, उन्हें तत्काल प्रशासन के संज्ञान में लाकर समाधान कराया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि पानी की टंकियों से नियमित और गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति हो, जिससे लोगों का विश्वास बढ़े और वे सप्लाई के पानी का उपयोग करें।
डीएम ने पंप ऑपरेटरों की उचित ट्रेनिंग पर भी जोर दिया, ताकि जलापूर्ति व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके। इसके साथ ही उन्होंने ‘जल सखी’ के माध्यम से किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उनकी नियमित समीक्षा करने और उन्हें प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम सभाओं में प्राथमिक विद्यालयों, पंचायत भवनों और अन्य सरकारी कार्यालयों को प्राथमिकता के आधार पर जलापूर्ति से संतृप्त करने के निर्देश भी दिए, ताकि आमजन के साथ-साथ शैक्षणिक एवं प्रशासनिक संस्थानों में भी स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि विभागीय परियोजनाओं की प्रगति से जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया जाए और समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता का सत्यापन किया जाए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।





