आ्टिकल में हमने बताया है कि बैंक लोन अमाउंट कैसे तय करता है। हमने यहां खासकर मल्टीप्लायर मेथड’ के जरिए बताया है कि ₹40,000 प्रति माह सैलरी पर कितना होम लोन बैंक ऑफर कर सकता है। इसके अलावा बैंक कौन-कौन फैक्टर्स देखता है?
इस महंगाई के जमाने में अगर आप कोई भी महंगी वस्तु खरीदना चाहते हैं तो आपको उसके लिए लोन लेना ही पड़ सकता है। क्योंकि इस महंगाई के समय इतने बड़े अमाउंट तक सेव करना काफी मुश्किल है। अगर आप हाल फिलहाल में लोन लेने का प्लान बना रहे हैं तो ये आर्टिकल आपके काम आ सकता है।
आज हम जानेंगे कि अगर किसी व्यक्ति की सैलरी 40 हजार रुपये प्रति माह है तो उसे कितना लोन मिल सकता है। बैंक या वित्तीय संस्थान सैलरी के हिसाब से लोन राशि कैसे तय करती है।
कैसे तय होती है लोन राशि?
पैसा बाजार में मौजूद लेख की मानें तो बैंक लोन अमाउंट तय करने के लिए मल्टीप्लायर तरीके का इस्तेमाल करती है। मल्टीप्लायर मेथड के तहत बैंक महीने में वाली राशि को 72 से गुणा करती है। जैसे अगर आपकी सैलरी 20 हजार रुपये है तो आपको 14,40,000 रुपये से ज्यादा अमाउंट का लोन नहीं मिलेगा।
अब जानते हैं कि अगर किसी व्यक्ति की मासिक सैलरी 40 हजार रुपये है तो उसे कितना लोन मिल सकता है।
₹40 हजार सैलरी पर कितना मिलेगा लोन
मल्टीप्लायर मेथड के अनुसार अगर किसी की मासिक सैलरी 40 हजार रुपये है तो उसे 28,80,000 रुपये तक का लोन मिल सकता है। हालांकि कुछ और फैक्टर्स भी है जो बैंक लोन अमाउंट तय करने से पहले देखता है।
- नौकरी कैसी है?
- बैंक सैलरी के अलावा नौकरी से जुड़ी कई डिटेल्स देखती है। जैसे-
- नौकरी स्थिर है या नहीं?
- उधारकर्ता कितने समय से नौकरी कर रहा है?
- कितनी बार नौकरी बदली गई है?
- बिजनेस है तो
- कौन-सा बिजनेस है
- किस तरीके का बिजनेस उधारकर्ता कर रहा है?
- क्या बिजनेस से स्थिर इनकम आती है?
स्थिर इनकम को बैंक सुरक्षित मानता है क्योंकि बैंक ये समझता है कि स्थिर इनकम होने से व्यक्ति समय रहते ईएमआई का भुगतान कर पाएगा।
क्रेडिट स्कोर का भी बड़ा प्रभाव
लोन लेते वक्त बैंक क्रेडिट स्कोर या सिबिल स्कोर पर गौर जरूर करता है। एक अच्छे क्रेडिट स्कोर वाले व्यक्ति को हर कोई लोन देने को तैयार होता है। इसके साथ ही अच्छे क्रेडिट स्कोर के जरिए आप ज्यादा अमाउंट पर कम ब्याज के साथ लोन ले सकते हैं।





