दैनिक जीवन में संतुलन बनाए रखने का तरीका सिखाता है योग। इसके अभ्यास से आप बीमारियों की चिंता से मुक्त तो होते ही हैं, साथ ही हर छोटे-बड़े कार्यों में अपनी बढ़ती कुशलता को भी महसूस करने लगते हैं।
आज की दिनचर्या हमारे शरीर और मन की सेहत के लिए निर्दयी बनती जा रही है। बढ़ती बेशुमार बीमारियां इसी की देन हैं। स्थिति यहां तक आ पहुंची है कि आप व्यायाम या आसन से जीवन में थोड़ी-बहुत सक्रियता लाने का प्रयास भी करें, तो कूल्हे, हैमस्ट्रिंग, कंधे, रीढ़ की हड्डी और टखने अवरोधक बनने लगते हैं।
इसके बाद आप शारीरिक सक्रियता का अपना उद्देश्य वहीं छोड़ देते हैं। दरअसल, लगातार बैठे रहने, गलत मुद्रा में स्क्रीन या टीवी देखने और तनाव भरी दिनचर्या के चलते आपका शरीर आपको व्यायाम करने लायक ही नहीं छोड़ता।
अब करें क्या? इसका आसान उपाय है कि पहले शरीर को गतिमान अवस्था में लाएं, ताकि रक्तसंचार और शरीर में लचीलापन आना शुरू हो। इसके लिए टहलने, कुछ छोटे और सहज लगने वाले आसन-व्यायाम करने की जरूरत है। धीरे-धीरे आप महसूस करेंगे कि कैसे छोटे-छोटे योगासन जिंदगी को आसान बनाने लगे हैं।
शारीरिक सक्रियता को बनाएं उद्देश्य
आज पूरा विश्व योग के महत्व को समझ रहा है। फिटनेस उद्योग और युवाओं के बीच में भी योग की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। दैनिक योग करने से फिट तो रहेंगे ही, साथ ही शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से भी ऊर्जावान महसूस करेंगे। शरीर की जरूरत ही सक्रियता है।
योग, दौड़, जिम किसी भी रूप में सक्रिय रहने वाला व्यक्ति आपको इसके अनगिनत फायदे बता सकता है। लाखों लोग अब हर दिन योग कर रहे हैं और जोड़ों व रीढ़ के दर्द, असंतुलित होकर गिरने, बार-बार बीमार पड़ने की चिंताओं से वे धीरे धीरे मुक्त हो रहे हैं। योग आपके शरीर में रक्त और आक्सीजन का संचार बढ़ाता है। सही मुद्रा और संतुलन आपकी मांसपेशियों को मजबूत करती है। योग शरीर में विषाक्त के जमाव को रोकता है और प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत बनाता है।
हर तरह से है लाभप्रद
योग सांसों के लय का भी विज्ञान है, जिससे आप तनावमुक्त होते हैं। इससे शरीर और आत्मा के बीच तारतम्यता सधती है। इससे आप भावनात्मक तौर पर दृढ़ता महसूस करने लगते हैं। मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ. ईश्वर बसवरड्डी बताते हैं कि अगर कार्यस्थल पर व्यस्तता और समयाभाव है, तो बीच-बीच में पांच मिनट का ब्रेक लेकर भी योग कर लेने से आपका तनाव कम हो सकता है।
आधे घंटे का समय निकाल लिए, तो वेलनेस और एक घंटे रोज योग कर लें, तो आपका स्वास्थ्य लंबे समय तक अच्छा बना रहता है। दो-तीन घंटे कर लिए तो आप बहुत सारी उपलब्धियां प्राप्त कर सकते हैं। अपनी क्षमता और उद्देश्य के अनुसार आप योग के लिए योजना बना सकते हैं। ध्यान रहे कि शुरुआत हमेशा विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में करें, ताकि अनावश्यक परेशानियां न आएं।
योग के शारीरिक लाभ
इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।
- रेस्पिरेटरी, कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम में सुधार
- रक्तसंचार में सुधार
- शारीरिक और मानसिक सेहत में सुधार
- तनाव, ब्लडशुगर और कोलेस्ट्राल से चिंताओं से राहत
- शरीर के विषाक्त से मुक्ति, तनाव से राहत
- एकाग्रता और याददाश्त में वृद्धि
योग के दौरान ये काम भी करें
- योग से पहले वार्मअप के जरिये जोड़ों को लचीला बनाएं।
- इसके लिए सूक्ष्म और हल्के आसन करें।
- पद्मासन, सूर्यनमस्कार से शुरुआत कर सकते हैं।
- योग करने के बाद कुछ मिनट के लिए आरामदेह मुद्रा में लेट जाएं।
- शरीर के सभी अंगों पर मन एकाग्र करें।
- प्रतिदिन प्राणायाम और ध्यान करने से योग अधिक सकारात्मक होगा
सभी के लिए जरूरी है योग अभ्यास
इन आसनों से कर सकते हैं शुरुआत
- वज्रासन- बैठकर किया जाने वाला यह आसन बहुत ही सहजता से किया जा सकता है। इससे पीठ और पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और अलग अलग स्थितियों में संतुलित रहते हैं। यह पाचन में सुधार भी करता है।
- धनुरासन- इसके लिए पेट खाली होना चाहिए, यानी भोजन के 4-6 घंटे के बाद ही इसे करें। इसमें पेट, छाती, जांघों, टखनों, कमर के निचले हिस्से, गले और शरीर के अगले हिस्से आदि में खिंचाव आता है। यह पीठ की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और भी कई तरह से यह लाभदायक है।
- सर्वांगासन- इसमें पूरे शरीर का संतुलन कंधों पर सधता है। साथ ही शरीर के सभी अंगों की कार्यप्रणाली में सुधार होता है। यह शारीरिक और मानसिक दोनों ही सेहत के लिए लाभकारी आसन है।
- त्रिकोणासन- इस आसन से मांसपेशियों में खिंचाव आता है और शरीर की सक्रियता में सुधार होता है। अन्य आसनों से अलग इसमें आपको अपने शरीर के संतुलन का अधिक खयाल रखना होता है।
- भुजंगासन- यह कंधों, छाती और पेट की मांसपेशियों को खींचकर किया जाता है, जिससे पीठ के निचले हिस्से की अकड़न कम करने और शरीर के ऊपरी हिस्से का लचीलापन बढ़ाने में मदद मिलती है।





