सरीला विकासखंड के खेड़ा शिलाजीत गांव की गौशाला में गोवंश की दयनीय स्थिति का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में गोवंश कीचड़ में डूबे हुए और बदहाल अवस्था में दिखाई दे रहे हैं। सरकार द्वारा गोवंश संरक्षण के लिए हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों की कथित लापरवाही के कारण गोवंश को न तो समुचित आहार मिल रहा है और न ही रहने के लिए उचित व्यवस्था।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि गौशाला में जलभराव और कीचड़ के कारण गोवंश बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। ग्राम प्रधान के पति द्वारा गौशाला की व्यवस्थाओं का संचालन किया जा रहा है, जिसमें भूसे की खरीद-फरोख्त में भ्रष्टाचार के आरोप भी लग रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान के कार्यों में रुचि न लेने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
हर ग्राम पंचायत को गोवंश संरक्षण के लिए लाखों रुपये का बजट आवंटित किया जाता है, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते यह धनराशि गोवंश के भरण-पोषण में प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं हो पा रही है। इस संबंध में जब जिम्मेदार अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
गोवंश की यह दुर्दशा न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि गो-संरक्षण की सरकारी योजनाओं पर भी सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि गौशाला की स्थिति में सुधार के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं।





