सपा के प्रतिनिधि मंडल को रात में ही किया था हाउस अरेस्ट
भरुआ सुमेरपुर। क्षेत्र के टेढ़ा गांव में गत सोमवार की रात दलित युवक के साथ दबंगों द्वारा की गई मारपीट के बाद शुक्रवार को सपा के प्रतिनिधिमंडल के गांव पहुंचने की घोषणा पर गांव में जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा। पीड़ित परिवार को पुलिस ने घर पर ही कैद कर रखा है। वहीं सपा नेताओं को भी पुलिस ने उनके घरों में कैद रखा है। इस वजह से सपा का प्रतिनिधि मंडल गांव नहीं पहुंच सका।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने टेढ़ा के दलित संदीप वर्मा के साथ हुई मारपीट की घटना को संज्ञान में लेकर पीड़ित परिवार से मिलने के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजने की घोषणा की थी। प्रतिनिधिमंडल को शुक्रवार को गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात करके रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष को देनी थी। सपा के प्रतिनिधि मंडल के गांव पहुंचने की सूचना पाकर प्रशासन गुरुवार को रात से ही सक्रिय हो गया और प्रतिनिधि मंडल में शामिल सपा जिलाध्यक्ष इदरीश खान सहित सभी नेताओं को हाउस अरेस्ट करके शुक्रवार को टेढ़ा में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
गांव में 25 से अधिक पुलिसकर्मी रैपुरा तिराहा, पचखुरा तिराहा, गौशाला मार्ग के अलावा पीड़ित परिवार के आवास के बाहर और आसपास की गलियों में मुस्तैद कर दिए गए थे। पीड़ित परिवार घर से बाहर नहीं निकल सका। पीड़ित संदीप वर्मा ने बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन उसके ऊपर अनैतिक दबाव बना रहा है। जबकि आरोपी खुलेआम घूम कर परिवार को अंजाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं।
पीड़ित ने कहा कि सपा के प्रतिनिधिमंडल को मिलने से रोकना मानव अधिकारों का उल्लंघन है। उसने कहा कि पूरा परिवार दहशत में जी रहा है। पुलिस प्रशासन जबरिया उचित कार्यवाही करने के लिए लिखित बयान पर हस्ताक्षर करने का दबाव बना रहा है। जबकि मुकदमे में महज दो को नामजद किया गया। जबकि हमलावरों की संख्या चार से अधिक थी। गांव में थाना सिसोलर, ललपुरा, बिवांर, मौदहा, सुमेरपुर का पुलिस बल तैनात किया गया था।





