खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) उत्तर प्रदेश में एनर्जी ड्रिंक की सैंपलिंग करेगा। यह अभियान मिलावटखोरी रोकने और कीटनाशकों व कैफीन जैसे तत्वों की जांच के लिए चलाया जा रहा है।
लखनऊ। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन मिलावटखोरी पर शिकंजा कसने के लिए प्रदेशभर में सैंपलिंग कर रहा है। विभाग हर माह एक विशेष अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचता है। अब जल्द ही एनर्जी ड्रिंक की सर्विलांस सैंपलिंग कर जांच होगी।
इसमें विशेष रूप से कीटनाशकों एवं कैफीन समेत अन्य तत्वों की मात्रा की जांच की जाएगा। अगर फेल मिले तो लीगल सैंपलिंग कर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। सर्विलांस सैंपलों की जांच अलीगढ़, सहारनपुर, कानपुर एवं अयोध्या की प्रयोगशालाओं में की जाएगी।
विभाग ने पिछले दिनों बोतलबंद पानी की जांच कर प्रदेशभर में लोगों को जागरूक किया। बड़ी संख्या में सैंपलों में खतरनाक रसायन एवं बैक्टीरिया मिले थे।
इसके बाद विभाग ने खाद्य तेल की जांच कराई, जिसमें कई सैंपलों में जानलेवा रसायनों की मिलावट पाई गई। दूध एवं इससे जुड़े उत्पादों से जुड़ी कंपनियों से बड़े पैमाने पर सैंपल लिए गए। जांच में बड़ी संख्या में सैंपल फेल पाए गए।
सहारनपुर एवं बुलंदशहर में कई इकाइयों एवं विभाग के अधिकारियों पर कार्यवाही की गई। बड़ी मात्रा में दूध, पनीर सव खोया नष्ट कराया गया।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि बाजार में एनर्जी ड्रिंक के नाम पर दर्जनों आयटम बेचे जा रहे हैं, जिसमें मिलावटखोरी की शिकायतें मिली हैं। गर्मियों में बिक्री ज्यादा होने की वजह से विभाग प्रदेश स्तर पर सैंपलिंग करेगा।





