कोठी बाराबंकी। बाराबंकी के सिद्धौर ब्लॉक क्षेत्र में नकली खाद बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। गुरुवार रात भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के पदाधिकारियों ने रसूलपुर चौराहा स्थित एक दुकान और पकरिहा मार्ग पर मौजूद गोदाम पर छापा मारा। यूनियन ने दावा किया कि यहां हजारों बोरियां नकली खाद तैयार की जा रही थीं, जिनकी आपूर्ति आसपास के जिलों में की जाती थी। छापेमारी के दौरान मौके से सिलाई मशीन, मिक्सर मशीन, विभिन्न केमिकल, कच्चा माल, धागा और मौरंग बड़ी मात्रा में बरामद हुआ।
किसान यूनियन के अनुसार, यहां ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली खाद की हजारों बोरियां तैयार की जा रही थीं।किसान यूनियन ने आरोप लगाया है कि यह गोरखधंधा लंबे समय से चल रहा था और इसमें विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत भी हो सकती है। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष एवं क्षेत्रीय डीडीसी रामबरन वर्मा, जिला उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह वर्मा, प्रधान प्रतिनिधि और अन्य किसान नेता बड़ी संख्या में मौके पर मौजूद रहे।किसानों की सूचना पर कृषि विभाग के निजी कर्मी और असंद्रा पुलिस मौके पर पहुंची। उन्होंने रात में ही गोदाम और दुकान पर ताला लगवा दिया।
शुक्रवार सुबह तहसीलदार कविता ठाकुर और जिला कृषि अधिकारी की संयुक्त टीम ने गोदाम और दुकान पर फिर से छापेमारी की। रसूलपुर चौराहा स्थित दुकान से तलवार डीएपी (DAP) और अन्य ब्रांडेड कंपनियों के नाम की सैकड़ों बोरियां नकली खाद बरामद की गईं। किसान नेताओं ने दावा किया कि यह नकली खाद अयोध्या, रायबरेली, अमेठी और सुल्तानपुर जैसे आसपास के जिलों तक सप्लाई की जाती थी। दुकानदार इसे महंगे दामों पर बेचकर रोजाना लाखों रुपये कमा रहा था।
गुरुवार रात भी एक पिकअप वाहन से खाद की डिलीवरी की सूचना मिलने के बाद यह कार्रवाई तेज की गई थी। एडीओ एग्रीकल्चर सिद्धौर सौरभ कुमार ने बताया कि यह दुकान और गोदाम कुसुभी गांव निवासी प्रमोद कुमार वर्मा उर्फ दीपू वर्मा के नाम पर है। प्रमोद कुमार वर्मा के खिलाफ पहले भी नकली खाद बनाने और बेचने के आरोप में मुकदमा दर्ज हो चुका है, और वह जेल भी जा चुका है। विभाग इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है।





