डॉ प्रेम शंकर शास्त्री “बेताब” को मिला श्रीमती दौलत देवी नौ रत्न सम्मान

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एस एस डी पब्लिक स्कूल, अलीनगर सुनहरा, कृष्णा नगर, लखनऊ सभागार में आयोजित पुस्तक लोकार्पण, सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन की अध्यक्षता दया शंकर कुशवाहा ने की। मुख्य अतिथि डॉ सत्यदेव पथिक, विशिष्ट अतिथि डॉ कुसुम चौधरी व अति विशिष्ट अतिथि इन्जीनियर सुनिल बाजपेयी एवं डॉ सुरभि सुमन रहीं। समारोह का शुभारंभ माता सुरसती व तथागत महात्मा बुद्ध के चित्रों पर माल्यार्पण व सुरभि सुमन की सुमधुर वाणी वन्दना से हुआ। कुशल संचालन कृष्ण कुमार मौर्य सरल का रहा। मंचस्थ मनीषियों द्वारा डॉ प्रेम शंकर शास्त्री की कृति कुण्डलिया सागर का विमोचन के उपरांत कृति पर चर्चा परिचर्चा के माध्यम से प्रेम शंकर शास्त्री के कृतित्व पर प्रकाश डाला गया।

दादी माँ श्रीमती दौलत देवी स्मृति संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष पण्डित बेअदब लखनवी ने प्रेम शंकर शास्त्री को नौ रत्न सम्मान प्रदान कर सम्मानित किया। श्रीमती विजय कुमारी मौर्या ने भी पुष्प माला पहनाकर व अंगवस्त्र ओढ़ाकर प्रेम शंकर शास्त्री को सम्मानित किया। पंडित बेअदब लखनवी सहित समस्त साहित्यकारों को भास्कर साहित्य गौरव सम्मान – 2026 से सम्मानित किया गया।

पण्डित बेअदब लखनवी सहित सुनील कुमार बाजपेयी, डॉ अशोक कुमार विश्वकर्मा, कन्हैया लाल, विजय कुमारी मौर्य, सत्यदेव प्रसाद द्विवेदी पथिक, दया शंकर कुशवाहा, सूर्यकांत अंगारा, अवधेश कुशवाहा, अजीत कुमार पटेल, विनोद कुमार सिंह, डॉ अशोक अज्ञानी, सुरभि सुमन, सतीश सुमन, श्रेष्ठ सुमन, आवारा नवीन, राजेश राज, पुष्पेन्द्र प्रेमी, सविता देवी, नय्यर बिस्वानी, अमलेश कुमार अमल, डॉ माध्वी मिश्रा, मुन्ना लाल, श्वेता पाल, रामानंद सैनी आदि उपस्थित साहित्यकारों ने खूबसूरत काव्यपाठ प्रस्तुत किया। वहीं विश्वविधायक पत्रिका के प्रबंध संपादक डॉ मृत्युंजय गुप्त ने काव्यपाठ के साथ साथ काव्य की प्रस्तुतिकरण की बारीकियाँ भी बताई।

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