इटावा। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शनिवार को समाज उत्थान समिति ने शनिवार को जनसंख्या नियंत्रण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए व्यापक अभियान चलाया।समिति के पदाधिकारियों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में घर-घर जाकर नागरिकों को पम्पलेट वितरित किए और उनसे सुझाव भी एकत्र किए।कार्यक्रम के संयोजक डॉ. हरीशंकर पटेल ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या आज शिक्षा,स्वास्थ्य,रोजगार और प्राकृतिक संसाधनों पर सबसे बड़ा बोझ है।
यदि हम उज्ज्वल भविष्य चाहते हैं तो प्रत्येक परिवार को सीमित और सुनियोजित परिवार की अवधारणा अपनानी होगी। जनसंख्या नियंत्रण ही विकास की कुंजी है।श्रीमती सोमिका -उद्योगपति* ने कहा कि यह समस्या केवल सरकार की नहीं है।जब तक समाज का हर नागरिक छोटे परिवार के महत्व को नहीं समझेगा,तब तक संसाधनों का समान वितरण संभव नहीं है। जागरूक समाज ही समृद्ध राष्ट्र बनाता है।
Al एक्सपर्ट इन्जी.अजय कुमार वर्मा ने पर्यावरणीय पहलू पर जोर देते हुए कहा कि जनसंख्या वृद्धि का सीधा असर जल, भोजन और रोजगार पर पड़ रहा है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे परिवार नियोजन के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने में अग्रणी भूमिका निभाएं। इन्जी.सुधांशू वर्मा योगाचार्य ने बताया सभी समास्यों की जड़ जनसंख्या वृद्धि है।अभियान के दौरान नागरिकों ने भी अपने विचार लिखित रूप में दिए और इस पहल की सराहना की।समिति ने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।





